
कोरबा (आई.बी.एन -24) राजेश यादव, भाजपा प्रदेश सह संयोजक (झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ) ने निजी स्कूलों द्वारा पुस्तक, कॉपी, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी की अनिवार्य खरीदारी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कई प्राइवेट स्कूल स्वयं सामग्री बेच रहे हैं या फिर कुछ चुनिंदा दुकानदारों को एजेंट बनाकर पालकों और विद्यार्थियों पर दबाव बना रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और नियमों के विरुद्ध है।
राजेश यादव ने गजेंद्र यादव (शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़) से मांग की है कि वे विभागीय सचिव से तत्काल चर्चा कर ऐसे स्कूल संचालकों की “दुकानदारी” पर रोक लगाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और स्कूलों का कार्य केवल शिक्षा प्रदान करना है, न कि व्यापार करना।
उन्होंने यह भी मांग की कि:
कोई भी निजी स्कूल पुस्तक या स्टेशनरी बेचने का कार्य न करे,
किसी विशेष दुकान को एजेंट बनाकर पालकों पर खरीदारी का दबाव न बनाया जाए,
नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
राजेश यादव ने कहा कि यदि इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पालकों के हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।