
कोरबा(आई. बी एन.-24)छत्तीसगढ़ शासन ने निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शासन के निर्देशानुसार अब सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य किया गया है तथा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और स्कूलों द्वारा थोपे जाने वाले खरीद दबाव पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
ज्ञात हो कि उपरोक्त विषय पर भाजपा प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने शिक्षा मंत्री से उपरोक्त विषय पर माँग किया था जिसे सरकार ने शीघ्र माँग को पूरा किया।
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इस निर्णय पर भाजपा प्रदेश सह संयोजक (झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ) राजेश यादव ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि निजी स्कूलों की “दुकानदारी” बंद हो तथा स्कूलों द्वारा पुस्तक, कॉपी और ड्रेस की अनिवार्य बिक्री पर रोक लगाई जाए।
राजेश यादव ने कहा कि सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार करते हुए अब अभिभावकों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार पुस्तक, कॉपी और ड्रेस कहीं से भी खरीद सकेंगे। इससे अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अप्रैल 2026 में जारी निर्देशों के अनुसार अब निजी स्कूल किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव समाप्त होगा।
इस निर्णय के बाद क्षेत्र के अभिभावकों ने भी राज्य सरकार एवं राजेश यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। अभिभावकों का कहना है कि यह फैसला उनके हित में है और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान है।