कोरबा/पाली (आई.बी.एन -24) अंतरजातीय प्रेम विवाह करने की सजा पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पौंडी निवासी अशोक कुमार प्रजापति का परिवार पिछले 11 सालों से भुगत रहा है। अशोक प्रजापति ने पुलिस थाना पाली और अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पाली को शिकायत पत्र सौंपकर समाज से बहिष्कृत करने, हुक्का-पानी बंद करने और अमानवीय व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार अशोक ने 4 जुलाई 2015 को भेलवाटिकरा निवासी मनिषा कंवर से प्रेम विवाह किया था।

अंतरजातीय विवाह से नाराज होकर समाज के लोगों ने बैठक बुलाकर पति-पत्नी को बहिष्कृत कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि समाज के लोगों ने परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया, मोटी रकम लेकर समाज में शामिल करने की शर्त रखी। पिछले 11 साल से परिवार को शादी, छठी या मृत्यु जैसे सामाजिक कार्यों में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है, यहां तक कि माता-पिता से मिलने पर भी रोक लगा दी गई है। इस बहिष्कार का दंश अशोक के दो बच्चे धैर्य प्रजापति और कुनाल कुमार प्रजापति भी झेल रहे हैं। पीड़ित ने आवेदन में कई लोगों के नाम का उल्लेख किया है। अशोक का कहना है कि अब उनकी स्थिति जीवन-मरण की बनी हुई है और उन्होंने प्रशासन से उचित कार्यवाही कर समाज में दोबारा स्थान दिलाने की मांग की है। संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत जाति आधारित भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार अपराध है। छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम में भी ऐसे कृत्यों पर कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस थाना पाली और एसडीएम कार्यालय ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। थाना प्रभारी के अनुसार आवेदन की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।