
कोरबा (आई.बी.एन -24)। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के रोहिना बस्ती में 15 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका की मां कामेश्वरी महंत ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को आवेदन देकर हत्या, दुष्कर्म की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित मां ने बांकीमोंगरा थाना पुलिस पर जांच में लापरवाही और दबाव बनाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला।
दिनांक 11-06-2026 को शाम 3 से 4 बजे के बीच कैलाश यादव उर्फ बिट्टू यादव मृतका शारदा महंत के घर पहुंचा और उसके साथ मारपीट की। उस वक्त डेढ़ सास सुनता बाई एवं सास करमिन बाई ने बीच-बचाव कर शारदा को छुड़ाया। कुछ देर बाद आरोपी बाहर चला गया। जब परिजन वापस लौटे तो शारदा घर में फांसी पर लटकी मृत अवस्था में मिली।
हत्या को आत्महत्या का रूप देने का आरोप।
आवेदन में मां कामेश्वरी महंत ने आरोप लगाया है कि पहले बेटी के साथ मारपीट की गई और उसके बाद फांसी पर लटकाकर हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। घटना के वक्त मां चेन्नई में मजदूरी करने गई थी और 2 दिन बाद वापस लौटी।
थाना पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप।
पीड़िता की मां का कहना है कि घटना को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी। जब भी परिवार के सदस्य बांकीमोंगरा थाना जाकर जांच की प्रगति पूछते हैं तो थाना प्रभारी द्वारा दबाव बनाया जाता है और अनावश्यक रूप से बैठाकर रखा जाता है।
दुष्कर्म की आशंका, कॉल रिकॉर्डिंग का दावा।
आवेदन में दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई है। पीड़ित परिवार के अनुसार उनके पास उपलब्ध कॉल रिकॉर्डिंग में रूपेश दास उर्फ लक्की एवं कैलाश यादव उर्फ बिट्टू यादव द्वारा नाबालिग को धमकाने तथा बहला-फुसलाकर मिलने के लिए दबाव बनाने की बात सामने आई है।
SP से उच्च स्तरीय जांच की मांग
दिनांक 29-06-2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए आवेदन में प्रार्थी कामेश्वरी महंत, पति-स्व. कुमार दास, निवासी-रोहिना बस्ती, थाना-बांकीमोंगरा ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन जिला पुलिस कार्यालय कोरबा में प्राप्त हो चुका है।
परिजनों में आक्रोश
18 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे।