
कोरबा , एजेंसी । कभी-कभी किसी जरूरतमंद के लिए एक छोटी-सी मदद उसके जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आती है। किसी के लिए पहिए महज आवागमन का साधन हो सकते हैं, लेकिन जब ये पहिए किसी ऐसे व्यक्ति को मिलते हैं, जिसके कदम मजबूरी से थम गए हों, तो यही पहिए आजादी, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह बन जाते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में कलेक्टर जनदर्शन जरूरतमंदों के लिए उम्मीद का ऐसा मंच बन रहा है, जहां उनकी समस्याएं सिर्फ सुनी नहीं जातीं, बल्कि उनके समाधान की राह भी तैयार की जाती है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इसी उम्मीद के साथ ग्राम गोढ़ी निवासी 50 वर्षीय श्री शिवचरण केवट और ग्राम दादरकला निवासी 27 वर्षीय सुश्री सावित्री साहू ने कलेक्टर जनदर्शन में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की मांग को लेकर आवेदन दिया था।
एक आवेदन, जिसमें छिपी थी आत्मनिर्भर बनने की चाह
श्री शिवचरण केवट और सुश्री सावित्री साहू के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं था। आवश्यक कामों के लिए भी उन्हें दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। कई बार जरूरी काम सामने होते हुए भी आवागमन की कठिनाई उनके रास्ते में बाधा बन जाती थी।
ऐसे में जनदर्शन में दिया गया उनका आवेदन केवल एक सुविधा की मांग नहीं था। वह अपने पैरों पर खड़े होकर, अपनी जरूरतों के लिए स्वयं आगे बढ़ने की इच्छा थी।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने दोनों प्रकरणों को संवेदनशीलता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। निर्देशों के बाद विभाग ने प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई।
चेहरे पर मुस्कान और आंखों में नई उम्मीद
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद श्री शिवचरण केवट के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उनके लिए यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में मिली नई आजादी है। अब वे अपने जरूरी कामों के लिए आसानी से आ-जा सकेंगे और हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए किसी दूसरे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
श्री शिवचरण कहते हैं कि ट्राईसाइकिल मिलने से उनकी कई परेशानियां दूर हो गई हैं। यह सुविधा उनके लिए बहुत उपयोगी है और इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
वहीं, सुश्री सावित्री साहू के लिए भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल एक नई शुरुआत लेकर आई है। जिन रास्तों पर पहले मजबूरी और निर्भरता साथ चलती थी, अब उन्हीं रास्तों पर वे अपने आत्मविश्वास और अपने फैसले के साथ आगे बढ़ सकेंगी। ट्राईसाइकिल मिलने पर उनके चेहरे की खुशी इस बात की गवाही दे रही थी कि कभी-कभी शासन की एक संवेदनशील पहल किसी के जीवन में कितनी बड़ी राहत बन जाती है।
जनदर्शन में सुनी गई बात, जिंदगी में बनी राहत
दोनों हितग्राहियों ने समय पर उनकी समस्या का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
उनके लिए कलेक्टर जनदर्शन में दिया गया आवेदन सिर्फ एक कागज नहीं था। उसमें एक बेहतर जिंदगी की उम्मीद, आत्मनिर्भर बनने का सपना और अपनी राह खुद तय करने की इच्छा थी।
आज उस आवेदन का परिणाम उनके सामने है—दो मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और दो चेहरों पर सुकून की मुस्कान।
यही कलेक्टर जनदर्शन की सार्थकता है—जहां समस्या सिर्फ दर्ज नहीं होती, उम्मीद को रास्ता मिलता है और जरूरतमंद के जीवन में बदलाव दिखाई देता है।