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कोरबा कृषि विभाग में मनमानी का आरोप: एक ही अधिकारी को बार-बार अतिरिक्त प्रभार, उच्च स्तरीय जांच की मांग — राजेश यादव।

कोरबा, दिनांक 13 अगस्त 2026। जिला कोरबा के कृषि विभाग द्वारा जारी आदेशों को लेकर विभागीय पारदर्शिता एवं कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है

कार्यालय उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा जारी आदेश क्रमांक स्था.-02/प्रभार/2026-27/2469 दिनांक 17.07.2026 के माध्यम से श्री देवशरण पैकरा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, क्षेत्र पण्डरीपानी को क्षेत्र जटगा, विकासखण्ड पोड़ीउपरोड़ा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

लेकिन इसके मात्र 13 दिन बाद, कार्यालय द्वारा आदेश क्रमांक स्था.-02/प्रभार/2026-27/2795 दिनांक 30.07.2026 जारी कर उक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में श्री देवशरण पैकरा को जेंजरा क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है

राजेश यादव ने कहा कि एक ही अधिकारी को बार-बार अलग-अलग क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इससे विभाग के अन्य कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति निर्मित हो सकती है तथा कृषि विभाग की मैदानी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग सीधे प्रदेश के किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए विभागीय व्यवस्था पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह होना आवश्यक है।

राजेश यादव की प्रमुख मांगें

1. अतिरिक्त प्रभार सौंपने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कर उसे पारदर्शी एवं नियमसंगत बनाया जाए।
2. श्री देवशरण पैकरा को बार-बार अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक कारण सार्वजनिक किए जाएं।
3. अतिरिक्त प्रभार देने में प्रशासनिक आवश्यकता, योग्यता एवं कार्यक्षेत्र की जरूरत को प्राथमिकता दी जाए।
4. संबंधित आदेशों एवं अतिरिक्त प्रभार की प्रक्रिया की जांच कर यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
5. कृषि विभाग के मैदानी अमले को स्पष्ट एवं स्थायी जिम्मेदारी दी जाए, ताकि किसानों से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो उच्चाधिकारियों से शिकायत

राजेश यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि उपरोक्त विषय पर तत्काल एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो इस पूरे प्रकरण की शिकायत कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम जी, प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव जी सहित विभाग के उच्चाधिकारियों से की जाएगी।

उन्होंने कहा कि संबंधित आदेशों एवं अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर पर मामला उठाया जाएगा।

राजेश यादव ने कहा कि किसानों के हित से जुड़े विभाग में किसी भी प्रकार की मनमानी या अपारदर्शी व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए।

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