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जवाली में बन रहे रेलवे स्टेशन को ‘कटघोरा’ नाम देने पर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी, नाम बदलकर ‘जवाली’ करने की मांग तेज।

संवाददाता : अनुज पाठक


चाकाबुड़ा(आई.बी.एन -24) गेवरा–पेंड्रा रेलवे कॉरिडोर के तहत ग्राम पंचायत जवाली में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन को “कटघोरा” नाम दिए जाने की चर्चा से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराज़गी और निराशा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्टेशन ग्राम जवाली की सीमा में बन रहा है, जबकि कटघोरा की दूरी यहां से लगभग 15 किलोमीटर है। ऐसे में दूर स्थित स्थान के नाम पर स्टेशन का नाम रखे जाने से ग्राम जवाली की पहचान को नजरअंदाज किया जा रहा है।इस रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए ग्राम जवाली के कई गरीब किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। किसानों ने विकास कार्य को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमि रेलवे परियोजना के लिए दी, ताकि क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़े और रोजगार के अवसर भी मिलें। लेकिन अब जब स्टेशन का नाम किसी दूसरे स्थान के नाम पर रखे जाने की बात सामने आई है, तो किसानों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ गया है। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन पर स्टेशन बन रहा है, उसी गांव के नाम पर स्टेशन का नाम होना चाहिए, ताकि क्षेत्र की पहचान बने और किसानों को सम्मान मिल सके।
ग्राम पंचायत जवाली के सरपंच ने भी इस मामले में अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन पूरी तरह से ग्राम जवाली की भूमि पर बन रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम जवाली के किसानों ने अपनी जमीन देकर इस परियोजना को संभव बनाया है, ऐसे में स्टेशन का नाम “कटघोरा” रखने का निर्णय उचित नहीं है। सरपंच ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन इस मामले पर पुनर्विचार कर स्टेशन का नाम “जवाली” रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ग्रामीण आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन बनने से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों, मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए यह स्टेशन महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही आसपास के गांवों के लोगों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। लेकिन स्टेशन का नाम यदि कटघोरा रखा जाता है, तो ग्राम जवाली की पहचान पीछे छूट जाएगी और आने वाले समय में लोग इस क्षेत्र को कटघोरा के नाम से ही जानेंगे, जिससे स्थानीय गांव का महत्व कम हो जाएगा।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गेवरा से पेंड्रातक बन रहे इस रेलवे कॉरिडोर को क्षेत्र के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से कोयला परिवहन, यात्री सुविधाएं और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दूर-दराज के गांव भी रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। ऐसे में स्टेशन के नाम को लेकर स्थानीय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है।ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की है कि स्टेशन का नाम ग्राम जवाली के नाम पर रखा जाए, ताकि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके। उनका कहना है कि यदि स्टेशन ग्राम जवाली में बन रहा है, तो उसका नाम भी “जवाली” होना चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने जल्द ही इस संबंध में ज्ञापन सौंपने की भी बात कही है।

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