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वादों से मुकरने का आरोप, मितानिनों का हुंकार: 25 जून को कोरबा में गूंजेगी अधिकारों की आवाज।

कोरबा (आई.बी.एन -24) वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर गांव-गांव में सेवा दे रही मितानिनों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। चुनावी घोषणा-पत्र में किए गए वादों के पूरा न होने तथा अपनी लंबित मांगों की लगातार उपेक्षा से आक्रोशित प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने 25 जून को कोरबा में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। धरने के उपरांत विशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संघ द्वारा जिला प्रशासन को दी गई सूचना के अनुसार, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार ने अपने घोषणा-पत्र में मितानिनों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन का वादा किया था। किंतु सरकार के गठन के बाद भी इन महत्वपूर्ण घोषणाओं पर अमल नहीं होने से मितानिनों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

संघ का आरोप है कि मितानिन कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी एक बाहरी गैर-सरकारी संस्था (NGO) को सौंप दी गई है, जिससे मितानिनों के अधिकारों एवं सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उनका कहना है कि वर्षों से जनस्वास्थ्य सेवा में समर्पित मितानिनों की अनदेखी अब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूर्णतः लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक दायरे में रहकर किया जाएगा। इसका उद्देश्य शासन-प्रशासन का ध्यान मितानिनों की न्यायोचित मांगों की ओर आकर्षित करना तथा सरकार को उसके जनादेश और चुनावी संकल्पों की याद दिलाना है।

25 जून को घंटाघर चौक, कोरबा में मितानिनों की आवाज केवल मानदेय या संविलियन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह उन हजारों महिला स्वास्थ्य कर्मियों के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई का स्वर बनेगी, जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की है। अब सबकी निगाहें इस आंदोलन और शासन की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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