
पाली (आई.बी.एन -24)नाट्यशास्त्र के प्रणेता भरत मुनि स्मृति दिवस प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर पंचायत पाली में मनाने के लिए संस्कार भारती ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है.
संस्कार भारती पाली इकाई ने बताया कि भरत मुनि नाट्य शास्त्र के प्रणेता थे. जिनका जन्म 400 ई पूर्व के मध्य हुआ था. नाटक शास्त्र में नाटकों से संबंधित शास्त्रीय जानकारी होती है. इसमें नाट्य कला और शास्त्रीय, सांस्कृतिक रंगमंच के सभी पहलुओं का वर्णन है. नाटक शास्त्र का मूल महत्व भारतीय कला को जीवन के चार लक्षण ,धर्म, अर्थ ,काम, मोक्ष के प्रति जागरूक बनाने के माध्यम के रूप में इसका औचित्य सिद्ध करना है।
12 फ़रवरी को भरत मुनि दिवस का कार्यक्रम शाम 5:00 बजे शिव मंदिर के समीप होगा. जिसमें मुख्या अभ्यागत महंत दिव्य कांत दास महाराज जी सिद्धिविनायक मंदिर रतनपुर, परमजीत छाबड़ा आरएसएस पाली, ब्रह्माकुमारी बी के जानकी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पाली रहेंगे. इस कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय संगीत और शास्त्रीय वादन प्रस्तुति होगी. जिसे डॉ कुणाल दास गुप्ता कोरबा तबला तरंग, कीर्ति व्यास भिलाई, (सुप्रसिद्ध वायलिन वादक) कु सीता कश्यप (अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना कोरबा) सुश्री लतिका थापा (कथक कला साधक कोरबा) सुश्री दीप सिंह कोरबा (भरतनाट्यम कला साधक) कु अदिति कश्यप पाली, कु. पृथा शर्मा पाली शास्त्रीय गायन सहित कोरबा जिले के अन्य शास्त्रीय कला साधकों के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी. उक्त कार्यक्रम में आधिकारिक संख्या में उपस्थित की अपील किया गया है.