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एसईसीएल गेवरा परियोजना के भू-विस्थापितों ने रोजगार और मुआवजा राशि की मांग को लेकर किया 4 घंटे का घेराव।

संवाददाता-मंगलम महंत ।

कोरबा/गेवरा (आई.बी.एन -24) बाहनपाठ एवंं के विस्थापितों ने वैकल्पिक रोजगार के साथ बढ़ी हुई मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग को लेकर गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का चार घंटे तक किया, छत्तीसगढ़ किसान सभा ने आंदोलन का समर्थन किया और किसान सभा के कार्यकर्ता भी आंदोलन में हुए शामिल। एसईसीएल के अधिकारियों ने 30 दिसंबर को बिलासपुर के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक का आश्वाशन दिया उसके बाद घेराव समाप्त हुआ।

ग्राम पोंडी के भू विस्थापित मनोज राठौर ने एसईसीएल के अधिकारियों से कहा की नरईबोध,भठोरा,भिलाई बाजार, रलिया,पोंडी, बाहनपाठ एवंं अमगांव का अधिसूचना प्रकाशन धारा 9 सभी ग्रामों का एक समान हुआ है तो नरईबोध,भठोरा,भिलाई बाजार एवं रलिया के भू विस्थापितों को कंपनी सेक्रेटरी के स्वीकृत मिनट्स 326 वा निदेशक बोर्ड मीटिंग के पत्र क्र. 2310 दिनांक 8.8.2022 के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है, जबकि पोंडी, बाहनपाठ एवंं अमगांव के भू विस्थापितों को उक्त मिनट्स के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि के भुगतान से वंचित किया गया है और एसईसीएल ने हम विस्थापितों को कहा था की छोटे खातेदार जिनके परिवार को स्थाई रोजगार नहीं मिल रहा है, उन्हें खदान में होने वाले वैकल्पिक कार्यों में रोजगार प्रदान किया जाएगा, लेकिन हमारे गांव के अधिग्रहण के चौदह वर्ष बाद भी प्रबंधन ने रोजगार देने का वायदा पूरा नहीं किया है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि एसईसीएल हर जगह किसानों को गुमराह करके जमीन अधिग्रहण कर रहा है और जमीन अधिग्रहण के बाद भू विस्थापित किसान अपने रोजगार,मुआवजा और बसावट के लिए सालों से भटक रहे हैं आगे जल्द गेवरा कुसमुंडा में किसानों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पोंडी, बाहनपाठ एवंं अमगांव के भू विस्थापितों ने गेवरा महाप्रबंधक के साथ जिला प्रशासन से भी समस्याओं के समाधान की मांग की थी, लेकिन प्रशासन और प्रबंधन ने समस्याओं के समाधान का कोई प्रयास नहीं किया इसलिए आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा और आगे भी समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल नहीं हुआ तो आगे और उग्र आंदोलन होगा।

जनपद सदस्य नेहा राजेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि आगे समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो खदान विस्तार का काम भी ठप करेंगे। एसईसीएल अधिग्रहण के समय झूठे वादे करके जमीन किसानों से ले लेता है और अधिग्रहण के बाद किसानों को अधिकार से वंचित करने के लिए कई नियमों का हवाला देता है। आगे किसानों के पक्ष में अगर ठोस निर्णय प्रबंधन ने नहीं लिया तो उग्र आंदोलन की भी तैयारी है।

घेराव में प्रमुख रूप से जनपद सदस्य नेहा राजेन्द्र सिंह तंवर, भूस्थापित सत्य नारायण ठाकुर,मनोज राठौर,रवि राठौर,नारायण दास,चेतन दास, भरत केवट,प्रणव पांडे,शिव कुमारी,रूप लाल के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित उपस्थित थे। हेडलाइन बनाओ

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