
कोरबा(आई.बी.एन -24)सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही आज से नौतपा का आगाज हो गया है। नौतपा के पहले ही दिन कोरबा जिले में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। नगर पंचायत पाली में रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है।
नौतपा के पहले ही बिगड़े हालात
भीषण गर्मी और लू का असर नौतपा शुरू होने से पहले ही दिखने लगा था। पाली के ऐतिहासिक नौकोनिया तालाब क्षेत्र में पिछले चार दिनों में गर्मी के कारण करीब 600 चमगादड़ों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आम, नीम और अशोक के पेड़ों पर बसेरा करने वाले चमगादड़ तेज धूप और डिहाइड्रेशन के कारण पेड़ों से गिरकर मर रहे हैं।
जांच के लिए भेजे सैंपल
घटना की सूचना पर पशुधन विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग के सहायक संचालक डॉ. एसएन मिश्रा ने IBN-24 को बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण हीट स्ट्रोक प्रतीत हो रहा है। हालांकि किसी संक्रमण या बीमारी की आशंका को देखते हुए मृत चमगादड़ों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। एहतियातन सभी मृत चमगादड़ों को सुरक्षित तरीके से जला दिया गया है।
क्यों संवेदनशील हैं चमगादड़…?
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, चमगादड़ स्तनधारी प्राणी हैं और इनके शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की क्षमता सीमित होती है। दिन में ये झुंड में पेड़ों पर उल्टे लटककर समय बिताते हैं। 43 डिग्री तापमान और लू के थपेड़ों में इनके शरीर से पानी तेजी से कम होता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
नौतपा में और बढ़ेगी गर्मी: मौसम विभाग।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नौतपा के 9 दिनों में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है। कोरबा जिले में औद्योगीकरण और हरित क्षेत्र घटने के कारण यह इलाका ‘हीट आइलैंड’ में बदल रहा है।
विभाग ने जारी की एडवाइजरी।
वन और पशुधन विभाग ने चमगादड़ों को बचाने के लिए तत्काल उपाय शुरू किए हैं। नौकोनिया तालाब क्षेत्र के पेड़ों पर पानी का छिड़काव, फॉगिंग और अस्थायी मिस्ट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि मृत या कमजोर चमगादड़ों को हाथ न लगाएं और तुरंत विभाग को सूचना दें।
स्थानीय पार्षद दीपक जायसवाल ने बताया कि हर साल हजारों प्रवासी चमगादड़ पाली आते हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मौत की यह पहली घटना है।