
कोरबा/पाली (आई.बी.एन -24) छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा में नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पाली क्षेत्र में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और झुलसाने वाली लू के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखने लगा है। नगर पंचायत पाली के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में बड़ी संख्या में चमगादड़ों के लिए खतरा पैदा हो गया है। हीट स्ट्रोक और पानी की कमी से चमगादड़ परेशान हैं।
नौकोनिया तालाब वर्षों से प्रवासी चमगादड़ों का प्रमुख बसेरा रहा है। हर साल फरवरी-मार्च में हजारों चमगादड़ यहां पहुंचते हैं और तालाब किनारे पुराने पेड़ों पर डेरा डालते हैं। इस वर्ष इनकी संख्या पहले से अधिक थी, लेकिन अब गर्मी से इनके लिए चुनौती बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, कोयला खदानों के विस्तार और लगातार पेड़ों की कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ा है। हरित क्षेत्र घटने से तापमान लगातार बढ़ रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार कोरबा धीरे-धीरे “हीट आइलैंड” में बदल रहा है। कंक्रीट, उद्योग और खदानों के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है। जंगल और जलस्रोत सिमटने से पक्षियों व अन्य जीवों के प्राकृतिक आवास खत्म हो रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग से चमगादड़ों के लिए पानी और छाया की व्यवस्था करने की मांग की है।