
कटघोरा (आई.बी.एन. -24) तानाखार उपार्जन केंद्र में किसानों की UFR (User Fee Rate) लंबित समस्या का समाधान हो गया है, जहाँ रकबा और खसरा जोड़कर किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और उचित मूल्य का लाभ मिलेगा : यह छत्तीसगढ़ सरकार के दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपये की स्वीकृति और एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन जारी रहने के बीच किसानों के लिए बड़ी राहत है।
समस्या का समाधान।

UFR लंबित समस्या: किसानों की ‘UFR लंबित’ (User Fee Rate Pending) की समस्या थी, जिसे अब ठीक कर दिया गया है।
तरीका: किसानों को बुलाकर उनके रकबा (क्षेत्रफल) और खसरा (भूमि का विवरण) को जोड़कर इस समस्या को हल किया गया।
किसानों को राहत : – इस कदम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा, खासकर दलहन-तिलहन जैसी फसलों के लिए, जिसके लिए सरकार ने पहले ही 425 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
आगे की प्रक्रिया: किसानों का पंजीयन छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर जारी है, जिससे वे अपनी उपज बेच सकेंगे।
निष्कर्ष:-
यह कार्यवाही किसानों के लिए एक बड़ी राहत है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।