
संवाददाता : आशा ठाकुर ब्यूरो रिपोर्ट कोरबा।
कोरबा (आई.बी.एन -24) डॉ. सिंह ने पर्व की महत्ता को बताते हुए कहा कि- हरितालिका तीज के अवसर पर विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं, कई कुंवारी कन्याएं उत्तम वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को अपने जीवनसाथी के रूप में प्राप्त किया था। यही कारण है कि हरितालिका तीज स्त्री-शक्ति, श्रद्धा और अटूट प्रेम का प्रतीक बन गया है।
डॉ. सिंह के प्रांगण में न सिर्फ महिलाओं को तीज व्रत का महत्व समझ में आया बल्कि इस आयोजन ने भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की भावना को प्रबल किया।