
कटघोरा (आई.बी. एन. -24) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा के बीएमओ को बचाने के लिए कयावद तेज चला इसी कड़ी में पाली ब्लाक में पदस्थ हरि दिवाकर पाली ब्लाक के चैतमा सेक्टर ग्राम भोड़ कछार में पदस्थ है। श्री दिवाकर अपने पाली बीएमओ को बचाने के बजाय कटघोरा बीएमओ को बचाने एड़ी चोटी एक किये हुए है।
सूत्र बताते है कटघोरा में निजी हॉस्पिटल में पहरेदारी करता है। अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के बजाय कटघोरा बीएमओ को बचाने के लिए आंदोलन के लिए रणनीति तैयार कर शासकीय सेवक कुदाचरण के अंतर्गत आता है।
ज्ञात हो कि डॉ रंजना तिर्की से हरि दिवाकर को किसी प्रकार का लेना देना नहीं है लेकिन वर्तमान बीएमओ डॉ तिर्की के लिए उनका कामकाज ठीक नहीं है कहना कहा तक न्याय संगत है। सूत्र बताते हैं कि हरि दिवाकर अपने कार्य क्षेत्रो में न रहकर अन्य गतिविधियों पर लिप्त रहता है।
जिले के सभी कर्मचारियों को हरी दिवाकर एकजुट होने का आव्हान कर रहा था। जब कि हरि दिवाकर जिस विकास खण्ड में कार्य करता है उसका भी बीएमओ को हटाया गया है किंतु इनके द्वारा अपने पाली बीएमओ को बचाने के लिए कोई कार्य नही किया गया है।
कुल मिलाकर रविवार को दबावपूर्वक कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कलर्क द्वारा बैठक बुलाकर एक माहौल बनाया गया था। जो कलर्क बैठक बुलाने के लिए अपेक्षित नही था। इस कलर्क ने अपने पावर का इस्तेमाल कर पढ़े लिखे एम बी बी एस डॉंक्टरों को अपने झांसे में ले लिया और एम बी बी एस डॉंक्टर भी वर्तमान बीएमओ का आलोचना करने से नहीं चूके। चार दिवसीय आंदोलन का अंत दिखाई दे रहा है।इस मामले को प्रभारी मंत्री व उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा स्वास्थ्य मंत्री ने गम्भीरता से लिया है।
बी एम ओ रुदपाल सिंह लम्बे समय लगभग 15 सालो से कटघोरा में काबिज था। कटघोरा कोरोना में हॉट स्पॉट था लेकिन अकेले रुदपाल सिंह ने ही कोरोना को मात नही दिया है बल्कि पूरा प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्य किया है।यदि कटघोरा कोरोना का श्रेय रुदपाल सिंह को दिया जाता है तो सर्पदंश से दो लोगो का मौत हुआ है उसका भी श्रेय रुदपाल सिंह लेंगे क्या…?
कटघोरा के शहर के आसपास निजी अस्पताल है उसमें सीधा रिफर कटघोरा हॉस्पिटल से किया जाता है कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र रिफर केंद्र बन गया है ।