
कटघोरा (आई.बी.एन -24) कटघोरा ब्लॉक के छुरी सी.एस.सी के अंतर्गत सलोरा में काम करने वाले एम पी डब्ल्यू ओजस्वी चतुर्वेदी ने डीएम सीएम को नही डरने की बात करता है रहने को है शासकीय कर्मचारी है पॉवर कलेक्टर से कम नही है इनका। एक खण्ड चिकित्सा अधिकारी को बचाने के लिए सारी मर्यादाओं को तोड़कर कलेक्टर मुख्यमंत्री सहित ज़िला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी तक को अपशब्दों का बौछार कर रहे हैं। इनके द्वारा कहा जा रहा है कि हम सब कामकाज ठप्प कर देंगे रायपुर कुच करेंगे सरकार ऊँचा सुनता है। एम पी डब्ल्यू ओजस्वी चतुर्वेदी का उद्देश्य क्या है वही समझे लेकिन शासकीय सेवक को इस प्रकार का बयान बाजी उचित प्रतीत नहीं होता है।
ज्ञात हो कि कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में दो लोगो का सर्पदंश से अकाल मौत हो गया था। जिसके बाद शहर के लोगो ने चक्काजाम कर दिया था।
जन भावनाओ का आक्रोश को देखते हुए अपने सूझबूझ का परिचय देते हुए कलेक्टर कोरबा ने पद से पृथक करते हुए डॉ रंजना तिर्की को खंड चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ रंजना के नियुक्ति हुए दो दिन हुआ नही , पूर्व बीएमओ को पुनः रखने अचानक रविवार को फर्जीवाड़ा क्लर्क द्वारा बैठक का आयोजन करवाया गया था। एक एम पी डब्लू जो दीपका नगर पालिका में पदस्थ है वह जिला कलेक्टर के पत्नी पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहा है। जो वायरल वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है। भाजपा शासन में स्वास्थ्य विभाग को इतना छूट दे दिया है कि मुख्यमंत्री कलेक्टर मुख्य चिकित्साधिकारी व उनके परिवार के लोगो को अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।
यँहा यह बताना आवश्यक होगा कि बहुत से कर्मचारियों को बैठक में दबावपूर्वक बुलाया गया था।कुछ कर्मचारियों का कहना है हम लोग तो छोटे कर्मचारी है। एम बी बी एस डॉंक्टरों को प्रभारी बाबू मूर्ख बना दिया हम तो छोटे कर्मचारी है।
चार चरणों में चरणबद्व तरीके से आंदोलन की बात कही गई थी काली पट्टी बाँध कर अपने स्वास्थ्य केंद्रों में लेकिन किसी ने इसका पालन नहीं किया। सभी अधिकारी कर्मचारी अपने अपने कार्यों में लगे हुए हैं।नए खंड स्वस्थ्य अधिकारी ने अपना पद ग्रहण कर लिया है। नए अधिकारी का क्रियाकलापों का समीक्षा कार्य करने के बाद ही किया जा सकता है। लेकिन रविवार को जो अधिकारी कर्मचारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैठक में बाबू के द्वारा बुलाने पर गए थे उनका कहना था नई खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्य अच्छा नहीं है, जब उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नही किया गया है तो कैसे ये स्वस्थ्य कार्यकर्ता बोल सकते हैं उनका कार्य अच्छा नहीं है। फिर हाल नई अधिकारी ने कार्य भार ग्रहण कर ली है और अपना कार्य प्रारंभ कर दी है।