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नाबालिग बच्चे से करवाया जा रहा है भवन निर्माण में दिहाड़ मजदूरी…ग्राम धनगांव की जनता ने सरपंच कलेश सिंह के भ्रष्ट कार्य प्रणाली की खोली पोल।

संवाददाता : दीपक महंत।

कोरबा (आई.बी.एन.-24) कोरबा जिले के जंगली इलाकों में बसे वन ग्राम धनगांव में निर्धारित मूल्य के नवीन भवन निर्माण कार्य में छोटे छोटे बचपन के बच्चों से लेकर मजदूरों तक की जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा प्राप्त की गई, जिसमें संबंध में समाचार संकलन के दौरान नाबालिक बच्चों से कहा गया कि बच्चों से कहा जा रहा है, उनकी उम्र 14 साल और एक 17 साल हो गई और लगभग 3 से 4 दिन हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि 250 से 300 रुपये तक की डेली मार्केट पर बच्चों से काम लिया जा रहा है। जिसमें ग्राम पंचायत धनगांव के सरपंच कलेश सिंह कंवर के द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताया गया है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत धनगांव के अवशेषों ने बताया कि गांव के अन्य स्थानों के निर्माण कार्य को वर्तमान सरपंच द्वारा मशीन से या जीप मशीन से सजाया जाता है, जिससे स्थानीय लोक निर्माण को काम नहीं मिलता है।


स्थानीय लोगों से मठ परख करने पर सरपंच कलेश सिंह के द्वारा ग्राम के विकास में जगह-जगह तोड़फोड़ और तोड़फोड़ की बात स्पष्ट रूप से कही गई। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में पैसे की बचत करने को लेकर निर्माण कार्यों में मजदूरों को न रख के मशीनों से काम चलाना बताया गया।
नाबालिक बालकलाचित्र उम्र 14 से 17 वर्ष की आयु में उनके भवन निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों से काम लिया जाता है, उन्होंने कहा कि यह कार्य होना चाहिए क्योंकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के छोटे बच्चों से काम कराया जाना चाहिए। कहा गया है कि सरपंच के द्वारा सचिवालय का उल्लंघन किया जा रहा है। वह सरपंच के कार्य प्रणाली से बिल्कुल भी खुश नहीं है।

आइए जानते हैं क्या है बाल श्रम कानून

14 साल से कम उम्र के बच्चों को दोषी ठहराते हुए कानूनी जुर्म है और इसके लिए सजा का प्रावधान है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 24 और बाल श्रम (प्रतिशोध एवं स्वतंत्रता) संशोधन अधिनियम, 2016 के अंतर्गत प्रतिबंधित है।

सज़ा का प्रावधान.

बाल श्रम (प्रतिशोध तथा धार्मिक) अधिनियम, 1986: दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है।
अंतिम तिथि पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि बाल श्रमिकों का शारीरिक या मानसिक शोषण होता है, तो यह मामला और भी गंभीर होता है और सजा की अवधि और अल्पावधि में वृद्धि हो सकती है।

यह जुर्म क्यों है?

बाल श्रम: बच्चों के अधिकार और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के विरुद्ध है।
यह बच्चों को उनके बचपन, शिक्षा और भविष्य से जुड़ी बातें आदि बताती है।

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