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मानिकपुरी पनिका समाज ने चैतुरगढ़ की पुण्य भूमि में लिया एकजुटता और उत्थान का संकल्प हजारों की संख्या में जुटे स्वाजतीय बंधु।

 

पाली (आई.बी.एन -24) मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा राज्यभर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए प्रतिनिधियों का ऐतिहासिक सम्मेलन अष्टभुजी महिषासुर मर्दिनी माता की पावन धरा चैतुरगढ़ में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, समाज सुधार, नशा उन्मूलन, सांस्कृतिक संरक्षण तथा नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि समाज ने राज्यभर में पहली बार पारदर्शी, समावेशी और लोकतांत्रिक तरीके से मतदाता सूची तैयार कर प्रतिनिधियों का चुनाव किया। यह प्रक्रिया न केवल समाज की अनुशासित और जागरूक संरचना को दर्शाती है, बल्कि इससे समाज के भीतर लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति नई चेतना का संचार भी हुआ है।

खानी-बानी सुधारें, समाज को नशा मुक्त बनाएं।

सम्मेलन में अपने ओजस्वी और संवेदनशील संबोधन में प्रदेश स्तरीय नेतृत्व ने कहा, “आज का दिन पनिका समाज के इतिहास में एक मील का पत्थर है। हम केवल चुनाव जीतकर पदों पर नहीं आए हैं, बल्कि एक बड़े सामाजिक बदलाव के वाहक बनकर आए हैं। हमें समाज की खानी-बानी में सुधार लाना है। मांस, मदिरा और नशा जैसी सामाजिक बुराइयों से समाज को मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है।”

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उन्होंने आगे कहा, “नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देना, शिक्षा, स्वरोजगार, सांस्कृतिक जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना हमारा सामूहिक दायित्व है। चैतुरगढ़ स्थित महिषासुर मर्दिनी माता का मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और ऊर्जा का केंद्र है। यहां हर वर्ष हजारों ज्योति कलशों की रोशनी में जो आध्यात्मिक ऊर्जा फैलती है, वह समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देती है।”

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राज्य स्तरीय इस ऐतिहासिक सम्मेलन में सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत पुष्पमालाओं और जयघोषों के साथ किया गया। उपस्थित जनसमूह ने समाज को एकजुट करने, उसकी संरचना को मजबूत करने और नव निर्माण की दिशा में प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की।

एकता, शिक्षा और आत्मगौरव के साथ राष्ट्रीय पहचान की ओर।

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यह सम्मेलन न केवल सामाजिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत भी था कि पनिका समाज अब एकता, शिक्षा, संस्कृति और आत्मगौरव के मार्ग पर संगठित होकर न केवल राज्य में, बल्कि राष्ट्रीय सामाजिक मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

विभिन्न जिलों से आए उपस्थित पदाधिकारी।

प्रदेश अध्यक्ष भरत दास मानिकपुरी, उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण दास, कोषाध्यक्ष गोपाल दास पड़वार, महासचिव नन्ही दास दीवान, सह सचिव गोरे दास महंत, महिला उपाध्यक्ष श्रीमती वेदमाती, युवा सचिव पुरुषोत्तम दास, युवा उपाध्यक्ष पवन दास, जिला संरक्षण दिलहरण दास, जिला अध्यक्ष संतोष दास, श्रीमती रजनी महंत, सचिव श्रीमती सुचित्रा महंत, सह सचिव दशरथ दास महंत, कोषाध्यक्ष समय दास, संगठन सचिव पुजारी दास, संगठन सचिव कपिल दास, कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष पूरन दास, प्रदेश स्तर सहायक निर्वाचन अधिकारी मनोहर दास बघेल, घनश्याम दास महंत, प्रदेश प्रवक्ता मनोज मानिकपुरी, प्रदेश संगठन प्रमुख किरण मानिकपुरी, जिला निर्वाचन अधिकारी माया दास मानिकपुरी वरिष्ठ अर्जुन दास नारायण दास, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ देवधर दास महंत पूर्व महासचिव डॉ.फुल दास महंत, मंच संचालक निर्मल दास महंत, मोहर दास,महंत मया दास महंत
बिलासपुर जिला उपाध्यक्ष शम्भू दास ,कोटा ब्लॉक अध्यक्ष भरतदास ,केंदा अध्यक्ष रघुनंदन दास,कसडोल ब्लॉक अध्यक्ष पुरुषोत्तम दास ,लवन अध्यक्ष रवि राघवेंद्र,पाली से फिरन दास महंत,कमलदास,अगर दास,अजय दीवान,दिनेश दास,शंकर दीवान, गणेश दास महंत, दीपक दास महंत शत्रुहन दास महंत रामेश्वर पड़वार, रमेश महंत चंद्रशेखर दास,धनीदास ,
दीपक दास शंकर दास
सभी सोसायटी पदाधिकारियों के साथ महंत दिवान उपस्थित रहे।

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