छत्तीसगढ़राजनीति

लव भूषण प्रताप सिंह तंवर अपने धर्मपत्नी के पक्ष से कर रहे है पुनः दावेदारी

ग्राम पंचायत अजगरबहार की बागडोर संभालने फिर से तैयार दिग्गज पूर्व सरपंच की पत्नी कमला देवी तंवर।

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कोरबा/पाली (आईबीएन 24)
नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम अब सामने आ चुकी हैं ठीक उसी तरह पंचायती राज अधिनियम के तहत् कोरबा जिले में जिला और जनपद पंचायत के सदस्य, सरपंच और पंच के चुनावी परिणाम मतदान के पश्चात् बहुत जल्दी सामने आने वाली है
और अब ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्याशियों में जीत हार को लेकर सभी की आंखे आने वाले समय में हार जीत के परिणाम को लेकर टिकी हुई है । लेकिन कुछ प्रत्याशियों के क्षेत्र में उनके अच्छे कार्य कुशलता और स्वच्छ आचरण के कारण लोगों का भरपूर स्नेह और सहानुभूति भी मिल रहा है । जिसमे प्रत्याशियों के जितने के आसार भी काफी हद तक बढ़ गई है जैसे कोरबा जनपद के अंतर्गत के ग्राम पं. अजगरबहार के पूर्व सरपंच लवभूषण प्रताप सिंह तंवर जो जनसेवक के रूप में अपना योगदान लंबे समय से अपने क्षेत्र देते आ रहे हैं उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के जनता से पूरा पूरा समर्थन मिल रहा है जिससे ग्राम पंचायत अजगरबहार से पुन: अपनी पत्नि के ओर से दावेदारी कर रहे हैं ।
पूर्व सरपंच लवभूषण प्रताप सिंह कंवर अपने धर्मपत्नी *श्रीमति कमला देवी तंवर* को सरपंच प्रत्याशी के रूप में चुनाव मे दावेदारी के लिए ताल ठोक चुके है और लंबे समय से वे और उनका परिवार सरपंच पद पर आसीन रह चुके हैं जिसके कारण वे और उनका परिवार पंचायती राज से जुड़ी गतिविधियों का अच्छा अनुभव रखता है । लवभूषण प्रताप सिंह तंवर का कहना है की जनता का भरोसा और विश्वास ही उनका ब्रम्हास्त्र है और मैं जनता से मिल रहे सहानुभूति के कारण ही पंचायती चुनावों में खरा उतराते आया हूं ।
ग्राम के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि होने के साथ साथ सामाजिक स्तर में लोगों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा समस्या का निराकरण करने में लगे रहते हैं और उनकी नेतृत्व करने की क्षमता एवं लोगों की समस्या की गहरी समझ ही उन्हे मजबूत, भरोसेमंद ,ईमानदार प्रत्याशी बनाती है । जो जमीनी स्तर पर भी लोगों से अच्छी मेल मिलाप रखते हैं और जनता के विभिन्न मुद्दों और समस्याओं के निराकरण करने में गंभीरता पूर्वक अपना योगदान प्रस्तुत करते रहते हैं। लवभूषण प्रताप सिंह तंवर का कहना है यदि उनको मौका मिला तो क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा की हमारे यहां तहसील कार्यालय को माखूरपानी और अजगर बहार के बीच जंगल में स्थापना कर बना दिया गया है जिसके लिए निवर्तमान सरपंच ने अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया है। जबकि तहसील कार्यालय के जंगल में होने से जंगली जानवरों का लोगों पर हमेशा खतरा बना रहता है । तथा बुजुर्ग लोगों को आने जाने में बहुत दिक्कत होती है और जंगल से खतरा भी बना रहता है जिसे मैं ग्राम पंचायत अजगर बहार अन्तर्गत अन्य जगह स्थापित करवाना चाहता हूं।
इसके अलावा उन्होंने कोषम नाला को स्टॉप डेम निर्माण करवाने के प्रयास के बारे में बात कही उन्होंने कहा कि कोषम नाला में पक्की स्थाई बांध निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगों को बहुत लाभ होगा । गांव में जल स्तर काफी हद तक बढ़ जायेगा जिससे बारह माह पानी की भरपूर व्यवस्था रहेगी ,लोग डेम के पानी से मछली पालन कर अपना रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, साथ में खेतों में पानी सिंचाई के अलावा बारह माह किसान फसल उगा सकते हैं और साग सब्जी उगा कर व्यापार कर के आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते है । इसके अलावा गांव में उप धान उपार्जन केन्द्र का होना जरूरी है यहां किसान भाइयों को धान बेचने सोनपुरी के धान मंडी में जाना पड़ता है । इसके साथ साथ गांव में स्नातक स्तर तक की कॉलेज होना आवश्यक है जिससे बच्चों को दूर पढ़ने नही जाना पड़ेगा। इस तरह की अनेकों मुद्दो को उन्होंने पत्रकारों के समक्ष रखा ।

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