
पोंडी उपरोड़ा (आई.बी.एन -24)छत्तीसगढ़ हाई स्कुल बोर्ड 10 वीं परीक्षा 2025 में कृष्णा साहू ने 82.20% अंक प्राप्त कर विद्यालय में टॉप किया है। उनके विषयवार अंक और सफलता की कहानी जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा।
कृष्णा साहू स्वामी आत्मानंद स्कुल इंग्लिश पोंडी उपरोड़ा के छात्र हैं और सभी विषयों मे डिस्टेंस प्राप्त किया हैं। 10 वीं क्लास के कृष्णा ने अपनी इस शानदार सफलता से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे स्कूल का नाम रोशन किया है। कृष्णा साहू बताते हैं कि उन्हें विश्वास था कि उनका नाम विद्यालय के टॉपर्स की सूची में जरूर आएगा, लेकिन विद्यालय में अच्छा स्थान मिलेगा, इसका अंदाजा नहीं था। उन्हें 70% अंकों की उम्मीद था, लेकिन जब रिजल्ट आया तो पूरे घर में जश्न का माहौल बन गया क्योंकि 82.20% आया।
कृष्णा ने अपनी पढ़ाई के दौरान मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाए रखा और रोजाना 7-8 घंटे गहन अध्ययन किया। वह कहता हैं, “मैंने हर चैप्टर को गहराई से समझा और जो विषय कठिन लगे, उन्हें बार-बार पढ़ा।” उनका मानना है कि कठिन टॉपिक्स पर पहले ध्यान देना चाहिए और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
कृष्णा ने नए छात्रों को सलाह दिया हैं, “पढ़ाई चुपचाप करो, दिखावा मत करो। तैयारी पर फोकस रखो और दोहराव को अपनी आदत बना लो।”
अपने भाई बहन के पग चिंन्हो पर चलते हुए कृष्णा का सपना सी एस इंजिनियर बनने का लक्ष्य है और उन्होंने पढ़ाई की तैयारी शुरूआत अभी से चालू कर दिया है। उनकी मेहनत और लगन ने साबित कर दिया कि बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।उन्होंने बताया कि परवारिक कारणों से एक ऐसा समय था स्कुल का मामूली फीस अदा करने मे सक्षम नहीं थे घर का हालात देखते हुए पढ़ाई छोड़ने का मन हो गया था लेकिन मेरी माँ ने उड़ान का हौसला बढाते हुए प्रत्येक चुनौतियों को परास्त करते हुए इस मंजिल तक पहुंचाने मे बहुत बड़ा योगदान है रात रात भर जाग कर सिलाई करती मेरी और मै पढ़ाई करता था. ज़ब हम लोगों का बुरा दौर चल रहा था तब रिश्तेदार भी मजाक उढ़ाते थे,कपड़े, जूते के लिए परेशान होना पड़ता था. कई दिनों तक भूखा रहना पढ़ता था. राशन के लिए मोहताज होना पड़ता था. लेकिन मेरी माँ ने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज इस मुकाम तक पहुंचाई.मेरी माँ एक स्वयं सिद्धा साबित हुई उन्होंने सिलाई के क्षेत्र मे महिला शक्तिकरण को लेकर 25 सौ से अधिक महिलाओं को सिलाई कढ़ाई सिखाकर उनके पैरो पर खड़ा कराई. एस ई सी एल, एंटीपीसी, बालको, चैतमा, पोंडी उपरोड़ा, कटघोरा, सहित अन्य जगहों के महिलाओं को सिलाई मे आगे बढ़ाई आज वह महिलाएं अपने पैरों पर खडे है. जिसके कारण मेरी का प्रदेश स्तर व राष्ट्रीय स्तर पर ज्योति बा फुले राष्ट्रीय एवार्ड मिला धन्य है मेरी मां जिनको सादर अभिवादन.
सभी विषयो मे डिस्टेंस हासिल किए हैं, जो उनकी जबरदस्त मेहनत और लगन का प्रमाण है।
कृष्णा की माँ एक छोटा सा सिलाई सेंटर दुकान चलाती हैं और एक गृहिणी हैं।इसी की आमदनी से अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहीं है तथा शिक्षा के क्षेत्र मे अपने बच्चों को संस्कार के साथ साथ नैतिक शिक्षा प्रदान कर रहीं है. कृष्णा की बड़ी बहन नेहा साहू व ओम साहू दोनों इंजीयरिंग कर रहे है.कृष्णा अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने माँ रमा साहू और स्कूल के शिक्षकों को दे रहा हैं और कहता हैं उनकी माँ रमा साहू,नाना,नानी, मामा, मामी और शिक्षकों का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जिससे इन्होने सफलता अर्जित किया.माँ का आशीर्वाद न केवल सुरक्षा कवच की भांति सदैव हमारी रक्षा करता है, बल्कि जीवन में आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करता है। उनका स्नेह हमारे जीवन की वह अमूल्य निधि है जो हमें सदैव सही मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।