
कोरबा (आई.बी.एन – 24 न्यूज) चैतमा के अंतर्गत आने वाले किसान राम जी पटेल के गांव के निवासी किसान का कहना है कि वे समिति में रह रहे हैं। किसानों ने इसी तरह की समस्या बताई है और किसानों के पास भी संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण किसान धान से बेरोजगारी बनी हुई है। किसान राम जी पटेल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “किसान और किसान के परिवार का जीवन चक्र फल ही आधारित होता है, फसल उत्पादन और किसान आय से जो प्राप्त होता है उनके परिवार का जीवन यापन हो जाता है। बहुत से किसान का कर्ज लेने से लेकर, बच्चों का खाना, पुत्र-पुत्री आदि जैसे काम किसान भाई-बहन आय से ही कर लेते हैं।” भरण-पोषण पोषण की जिम्मेदारी कैसे निभायें?”
कुछ किसान धान खरीद में इस तरह की उपज को लेकर काफी चिंता और महंगाई देखने को मिल रही है। इन सभी बातों से यह स्पष्ट पता चलता है कि कहीं भी धान के सामान और सामूहिक मित्रों के बीच आने वाली समस्याओं के कारण किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं।

शायद यही कारण है कि
वर्तमान धान के मामले में कुछ किसानों का रकबा काटा है तो कुछ किसानों का रकबा ही बेकार बताया जा रहा है।
धान जयंती पर गंभीर प्रश्न वाले किसान कह रहे हैं कि किसानों का रकबा सुधार के लिए तहसील कार्यालय में कई बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।

कृषि के लिए उद्यम उद्यमिता बनी हुई है, लेकिन यह पहला मौका है जब किसी किसान ने धान खरीद की घोषणा की, जिसे लेकर कोई चिंता नहीं है, अब तक जिलों में किसानों ने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया है। जो एक गंभीर विषय है।
