
संवाददाता : ललित कुमार।
अकलतरा(आई.बी.एन-24)
5 सितंबर, 1888 को आंध प्रदेश के एक छोटे से गांव में जन्मे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन न केवल एक विद्वान शिक्षक थे, बल्कि एक महान दार्शनिक और राजनीतिज्ञ भी थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उप-राष्ट्रपति (1952-62) और दूसरे राष्ट्रपति (1962-67) थे।उन्होंने अपने जीवन के 40 साल शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किए। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रोफेसर रहे और अपने ज्ञान और विद्वता से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। उनकी शिक्षा और दर्शन में गहरी आस्था थी और उनका मानना था कि “सही शिक्षा वह है जो हमें सिर्फ जानकारी नहीं देती, बल्कि हमारे जीवन में सामंजस्य बिठाकर चलना सिखाती है इस तारतम्य में पूरे।
भारतवर्ष में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते है,रविवार होने के कारण स्कूल छुट्टी था इसलिए 06/09/2025 को शा.प्रा.वि सोनादुला,संकुल सांकर (अकलतरा) में बच्चों के द्वारा विविध कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें शिक्षक दिवस के संबंध में शिक्षकों के द्वारा द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए गुरू की महिमा / कार्य पर प्रकाश डाला गया। बच्चों को भी एक शिक्षक के प्रति कर्तव्य पराण्यता का बोध को रेखांकित किया गया।
बच्चों में प्रताप ने प्रधान पाठक श्री नरेन्द्र डहरिया का ,कुमारी रीना ने मरकाम सर का ,कुमारी आशी ने कांति डहरिया मैम का तथा कुमारी सौम्या ने मिनाक्षी तिवारी मैम का (सभी कक्षा ५ के विद्यार्थी)भुमिका से हम सबको आत्ममुग्ध किया ।अंत में बच्चों ने सभी शिक्षकों को सवल्पहार तथा सम्मान भेंट किये।