
कोरबा (आई.बी.एन -24) SECL की सराईपाली खुली खदान से कोयला परिवहन करने वाले भारी ट्रकों ने नेशनल हाइवे-130 की सर्विस रोड को पार्किंग बना दिया है। ग्राम पंचायत तालापार के ग्रामीणों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। रोज हो रही दुर्घटनाओं से परेशान होकर सरपंच रमेश शाम ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक, सराईपाली OCM को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सर्विस रोड बनी ट्रक स्टैंड, ग्रामीण हलकान।
तालापार ग्राम पंचायत NH-130 से लगी हुई है। यहां से रोज सैकड़ों ट्रकें सराईपाली माइंस से कोयला लेकर गुजरती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन के ट्रक ड्राइवर सर्विस रोड पर ही घंटों गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इससे मुख्य मार्ग पर जाम लगता है और पैदल चलने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को जान हथेली पर रखकर निकलना पड़ता है।
वार्ड पंच ने बताया, “सर्विस रोड पर दोनों तरफ ट्रक खड़े रहते हैं। बाइक तो दूर, साइकिल निकालना मुश्किल है। पिछले महीने 2 बाइक सवार ट्रक से टकराकर घायल हो गए थे। एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंच पाती।”
सरपंच ने SECL को दिया अल्टीमेटम
ग्राम पंचायत तालापार के सरपंच रमेश शाम ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है।

सरपंच की मांग की है कि सभी ट्रकों को खदान परिसर के अंदर ही व्यवस्थित तरीके से पार्क किया जाए ताकि ग्रामीणों को परेशानी न हो।
NH-130: बिलासपुर-अंबिकापुर की लाइफलाइन।
NH-130 छत्तीसगढ़ का अहम राष्ट्रीय राजमार्ग है जो बिलासपुर को अंबिकापुर से जोड़ता है। इस पर कोरबा-पाली-सराईपाली खनन क्षेत्र का भारी ट्रैफिक रहता है। सर्विस रोड जाम होने से न सिर्फ तालापार बल्कि आसपास के 10 गांव प्रभावित हैं।
SECL प्रबंधन की चुप्पी, ग्रामीणों में आक्रोश।
इस मामले में SECL सराईपाली प्रबंधन का पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिन में ट्रकों का अवैध पार्किंग बंद नहीं हुआ तो वे NH-130 पर चक्काजाम करेंगे।
ग्राउंड रिपोर्ट: तालापार में सुबह 6 से रात 10 बजे तक सर्विस रोड पर 20-30 ट्रकें हर समय खड़ी मिलती हैं। कई ट्रक ड्राइवर यहीं खाना बनाते और सोते हैं।