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मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना बनी संजीवनी: सरगुजा की सुनीता का 19 हजार का बकाया बिल 6200 में हुआ माफ।

अम्बिकापुर/सरगुजा (आई.बी.एन -24) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब सीधे जरूरतमंदों के घर तक राहत पहुंचा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम पोड़ी निवासी सुनीता बाई के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई।

19 हजार का बोझ, 6200 में समाधान
सुनीता का बिजली बिल लंबे समय से बकाया चल रहा था। सरचार्ज और ब्याज मिलाकर राशि करीब 19 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। गरीबी और तंगी के चलते बिल पटाना नामुमकिन हो रहा था। कनेक्शन कटने का डर हर दिन सताता था।

ऐसे में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की जानकारी मिलने पर सुनीता ने ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन किया। योजना के तहत जांच के बाद उनका पूरा बकाया बिल मात्र 6200 रुपये में निराकृत कर दिया गया। यानी सीधे 12,800 रुपये की राहत मिली।

खुशी से भावुक सुनीता कहती हैं, “पति मजदूरी करते हैं, दो बच्चे हैं। 19 हजार कहां से लाते? अंधेरे में रहने की नौबत आ गई थी। विष्णु देव साय सरकार ने हम गरीबों की सुध ली। अब निश्चिंत होकर बच्चों को पढ़ा पाऊंगी।”

क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना?
प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के पुराने बकाया बिजली बिलों के एकमुश्त समाधान के लिए यह योजना चलाई जा रही है। इसके तहत:
1. मूल बकाया राशि पर भारी छूट दी जाती है
2. सरचार्ज और ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाता है
3. एकमुश्त भुगतान पर कनेक्शन तुरंत चालू कर दिया जाता है

इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बिजली बिल के बोझ से मुक्त कर ‘जीरो बिल’ की स्थिति में लाना है।

सुशासन सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार कह रहे हैं कि “प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार अंधेरे में नहीं रहेगा। सुशासन का मतलब है अंतिम व्यक्ति की चिंता करना।” बिजली बिल समाधान योजना के साथ-साथ नियद नेल्ला नार, PM जनमन, महतारी वंदन जैसी योजनाओं से सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।

सरगुजा जिले में अब तक 42 हजार से ज्यादा परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों के बकाया बिल का समाधान करना है।

सुशासन सिर्फ नारा नहीं, जमीन पर दिखता काम है। सुनीता जैसी हजारों बहनों के घर रोशनी लौटना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है” – स्थानीय ऊर्जा विभाग अधिकारी

 

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