
प्रशासन के सक्रियता और कड़े इंस्ट्रक्शन के बावजूद कोंचिए, बिचौलिए दे रहे अवैध धान बिक्री को अंजाम ।
–विशेष संवाददाता : दीपक महंत की खास रिपोर्ट
कोरबा/तुमान : (आई.बी.एन- 24)
कोरबा जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्र अथवा उप केंद्रों में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी की स्थिति चरम पर है , किसान जिस तरह अपने वास्तविक उपज को समिति में विक्रय करने के लिए लगातार कतार लगा रहे है इसी बीच कोंचिए, बिचौलिए भी अपनी अवैध धान को खपाने के लिए तरह तरह के तुरुपचाल चलने में बाज नहीं आ रहे है। जिला प्रशासन के कड़ी निगरानी और इंस्ट्रक्शन के बावजूद कोंचिए,बिचौलिए भोले भाले ग्रामीण किसानों को अपने जाल में फसाकर और लालच देकर अधिक से अधिक मात्रा में उपार्जन केन्द्रों में खपा रहें है अवैध धान।

इसी कड़ी में ग्राम पंचायत अमझर (तुमान ) से एक ग्रामीण किसान की व्यथा सामने निकल कर आई है । जिसमे ग्राम अमझर निवासी ग्रामीण किसान जैतराम पिता अमन सिंह उम्र वर्ष के द्वारा प्रेस कर्मी को बताया की वह अपने वास्तविक उपज की धान को उपार्जन केन्द्र में समिति को नही बेचता है और ना ही उसने अपना किसान पंजीयन कराया हुआ है फिर भी उसके नाम से धान उपार्जन केन्द्र जटगा/तुमान में वह पंजीकृत हैं और उसके जमीन की पर्ची और खाते से सिंघिया निवासी किसी सेठ के द्वारा उसके किसान पंजीकृत खाते में अवैध रूप से धान बेचा जा रहा है , जैतराम ने बताया की सिंघिया निवासी सेठ ने स्वयं आकर और अपने आदमियों को भेजकर लालच देकर लगभग दो वर्ष पूर्व से उसका किसान खाता अपने पास रखा हुआ है , वह कई बार सिंघिया निवासी सेठ से अपना किसान खाता मांग चुका है पर वह देने का नाम नहीं ले रहा है ।
जैत राम ने अपने किसान खाते की वापसी के लिए प्रेस कर्मी से गुहार लगाते हुए अपना खाता वापसी के लिए निवेदन किया ।
प्रेस संवाददाता द्वारा जैतराम पिता अमन सिंह के भूमि के रकबे और उसके किसान खाते के संबंध में जानकारी निकालने के लिए जनभागीदारी और खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग छत्तीसगढ़ के पोर्टल में किसानों का विवरण और वर्ष वार धान खरीदी की जानकारी देखी गई तो सही पाया गया । 2022-23, 2023-24 और वर्तमान वर्ष 2024-25 में जैतराम पिता अमन सिंह के नाम से धान बिक्री किया जाना स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है । जबकि किसान जैतराम का स्पष्ट कहना है की वह स्वयं के ऊपज का कोई भी धान, मंडी में नही बेचता है और ना ही उसने स्वयं से किसान पंजीयन कराया है ग्राम सिंघिया निवासी सेठ के द्वारा मेरे खाते और भूमि के रकबे का गलत उपयोग करके सेठ द्वारा अवैध धान तुमान के उपार्जन केन्द्र में खपाया जा रहा है और दो वर्ष पूर्व से मेरा खाता रोक रखा हुआ है ।
अपने खाता वापसी के लिए कई बार वह सेठ के पास जा चुका है पर सेठ उसका खाता वापस ही नही करता है । जैतराम ने कहा की वह काफी बूढ़ा हो चुका है जिसके कारण वह ठीक से चल नहीं पाता है तो उसे गांव के ही व्यक्ति धरम सिंह आयाम और ग्राम पचधार के उपसरपंच गणेश बिंझवार के द्वारा सिंघिया के सेठ के कहने पर मोटरसाइकिल से गांव से बिठाकर धन उपार्जन केन्द्र और अन्य जगहों पर लाने ले जाने और दस्तखत करवाने का काम कराते है।
जबकि जनभागीदारी और किसान पोर्टल में जैत राम के धान खरीदी की जानकारी देखी गई तो 2022- 23 सत्र में लगभग 70 क्विंटल धान बेचा गया है , सत्र 2023-24 में दिनांक 29/12/2023 को कुल 104 क्विंटल धान बेचा गया है और सत्र 2024-25 में दिनांक 31/12/2024 को लगभग 65 क्विंटल में धान बेचा गया है । जबकि ग्राम अमझर निवासी जैत राम का कहना है की वह स्वयं के उपज का धान बेचता ही नही है तो फिर पोर्टल में दिए विवरण अनुसार जैत राम के खाते पर धान बेचा किसने ?
इन सब बातों से स्पष्ट पता चलता है की अमझर निवासी जैतराम कोंचिए, बिचौलिए के चक्कर में बुरी तरह से फस चुका है और अवैध धान उसके खाते में बिचौलिए द्वारा खपाया जा रहा है ।
जैत राम ने यह बताया की उसके भूमि पर उतना धान का पैदावार ही नही है की वह मंडी में धान बेच सके । इन बातों के संबंध में ग्राम अमझर के कुछ लोगो से पूछताछ किए जाने पर लोगों से भी यही जानकारी प्राप्त हुई की जैतराम के भूमि पर धान की ज्यादा पैदावार ही नही है की वह अधिक से अधिक धान उपार्जन केन्द्र में बेच सके , थोड़े से प्राप्त फसल को वह अपने ही खाने के लिए रखता है उसे बेचता बिलकुल भी नहीं है ।
तब इन सब गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है की जैतराम के खाते का दुरुपयोग करते हुई स्थानीय लोगो के मिली भगत और धान उपार्जन केन्द्र तुमान के प्रबंधक और फड़ प्रभारी से साठगांठ करके अवैध धान बिक्री को बिचौलिए पूरी तरह से अंजाम दे रहे हैं जो की एक गंभीर जांच का विषय है।