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डीएमएफ घोटालों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता रामपुर विधायक व पूर्व मंत्री ननकीराम का बड़ा बयान।

कोरबा (आई.बी.एन -24)छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी कहते हैं कि भूपेश है तो भरोसा है । क्या भूपेश बघेल जी को छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीएमएस में करीब 12 सौ करोड़ का घोटाला करने मे भरोसा है जो इन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। मैंने कोरबा जिले मे बिना कार्य कराएं तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू और संजीव झा के समय भारी भरकम डीएमएफ घोटाला किया गया है जिसके संबंध में दस्तावेज सहित प्रधानमंत्री मोदी जी सहित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी और ईडी को पत्र लिखकर कोरबा जिले सहित समस्त प्रदेश के डीएमएस मद के घोटाले की जांच करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जो कार्य स्वीकृत किए गए हैं वह कार्य अनुमोदन नहीं हुआ है और जिस कार्य का अनुमोदन हुआ है उन्हें सुकृति नहीं दी गई है साथी परिषद की बैठक में अनुमोदन में विधायकों का हस्ताक्षर नहीं है केवल 2 लोग का ही हस्ताक्षर है सभी कार्य कलेक्टर अपनी मनमर्जी तरीके से स्वीकृति कर भ्रष्टाचार किए हैं अभी हाल ही में डीएमएफ घोटालों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय के विद्वान अधिवक्ता संजय कुमार अग्रवाल ने भी पीआईएल के माध्यम से 12 हजार करोड़ घोटाले की जांच के संबंध में केंद्र व राज्य सरकार को पार्टी बनाया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में इतनी भारी भ्रष्टाचार किया गया है जो मेरे राजनीतिक कार्यकाल में कभी देखने को नहीं मिला था। निश्चित ही केंद्र की मोदी सरकार डीएमएफ घोटाले की जांच बहुत जल्द कराएगी । जिसमें कई आईएएस अधिकारी सहित उनके सहयोगी अधिकारी और नजदीकी ठेकेदार जो नियम विरुद्ध तरीके से भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं वैसे अधिकारी भी कार्यवाही के लिए तैयार रहें। कभी भी उनके विरुद्ध कार्यवाही हो सकती है ।मैं तो कहूंगा की भूपेश है तो डीएमएफ मे भ्रष्टाचार व घोटाला है कहना कोई गलत नहीं होगा। मेरे द्वारा पूर्व में भी कहा गया है कि जो कार्य अनुमोदन हुए हैं वह स्वीकृत नहीं हुए हैं।अपने मनचाहे कार्यों को कलेक्टर कोरबा के द्वारा स्वीकृति दी गई है और बिना कार्य कराएं कागजों में भुगतान कर दी गई है। डीएमएफ के लिए जो साथी परिषद के लिए समिति बनी है और उस समिति में जो प्रस्ताव पारित की जाती है वह केवल कागजों में ही नजर आती है। उसका कोई अस्तित्व ही नहीं रहता। कलेक्टर अपने मनमर्जी से मनचाहे कार्यों को स्वीकृति किया है। इस तरह से उस समिति का कोई औचित्य ही नहीं है। जो मुझको समझ आ रहा है। इस तरह का खेल पूरे प्रदेश में हुआ है जिसकी जांच केंद्र सरकार बहुत जल्द कराएगी । यदि भूपेश बघेल जी भ्रष्टाचार में संलिप्त नहीं है तो मैं उनसे भी कहूंगा कि वह भी जांच करा कर देख ले अन्यथा केंद्र की सरकार यदि जांच कराएगी तो आप की सरकार में बैठे भ्रष्टाचार में संलिप्त मंत्री और प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही आप पर भी गाज गिरने की पूरी संभावना है। डीएमएफ घोटालों की जांच को लेकर माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर में पीआईएल लगा है उसमें मेरे पास जो साक्ष्य स्वरूप दस्तावेज है उसको माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में देकर कार्यवाही में सहयोग प्रदान की जाएगी और केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने का मांग भी किया गया है और आगे भी करेंगे। जिसके बाद प्रशासन के बड़े बड़े अधिकारी आईएएस अफसर सहित कई कांग्रेस के नेता बेनकाब होते हुए दिखेंगे। इस बात से अंदाजा लगाया जा रहा है कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास की उपेक्षा किए जाने और ननकीराम कंवर जैसे दिग्गज नेता को हल्के में लेना जिला प्रशासन और भ्रष्टाचार मे संलिप्त जनप्रतिनिधि और ठेकेदार को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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