छत्तीसगढ़राजनीति

बेसकीमती डोलोमाइट के दोहन को रोकने प्रशासन फेल, तीन खदान संचालकों की शिकायत, कार्रवाई शून्य।

सक्ती कलेक्टर समेत खनिज विभाग के अफसरो की कार्यशैली सवालों के घेरे में

सक्ती। नवीन जिला सक्ती के अकलसरा व खम्हरिया में चल रहे डोलोमाइट के अवैध उत्खनन को लेकर हुए शिकायत को अब 15 दिन से भी ज्यादा समय बीत चुका हैं। सक्ती कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से लिखित शिकायत के बाद भी डोलोमाइट के अवैध उत्खनन पर अंकुश नहीं लग पाना राज्य सरकार समेत आमजन के लिए चिंता का विषय है। खदान संचालकों के अवैध डोलोमाइट उत्खनन से एक ओर जहां आसन प्रशासन को करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हो रही है वहीं दूसरी और डोलोमाइट के परिवहन में लगे हाईवा वाहन के निरंतर चलने से गांव के सड़क की दशा बिगड़ने लगी है नतीजन ग्रामवासी खासे परेशान है। बहुमूल्य डोलोमाइट के अवैध उत्खनन की लिखित शिकायत के बावजूद जिला प्रशासन व खनिज विभाग का निष्क्रिय व गैरजिम्मेदाराना रवैया अनेकों सवालों को जन्म दे रहा है, ऐसा प्रतीत हो रहा मानो चंदा चढ़ावा रूपी प्रसाद ने सबको धृतराष्ट्र बना दिया हो। जन शिकायत पर तत्काल कार्रवाई का दावा करने वाला सक्ती जिला प्रशासन आज बेसकीमती डोलोमाइट के अवैध उत्खनन की शिकायत पर चुप्पी साधे बैठा है। शिकायत के बाद कार्रवाई तो दूर खम्हरिया और अकलसरा में डोलोमाइट का अवैध उत्खनन निरंतर जारी है, ऐसा लग रहा मानो खनिज विभाग एवं जिला प्रशासन के संरक्षण में डोलोमाइट के अवैध उत्खनन का कारोबार चल रहा है। जानकारी के अनुसार अकलसरा और खम्हरिया में हो रहे डोलोमाइट के अवैध उत्खनन की नियमतः जांच व करवाई की जाए तो खम्हरिया के खदान संचालक मनीष सिंह बनाफर और खम्हरिया व अकलसरा के खदान संचालक प्रतिश कुमार गोयल को करोड़ों की पेनल्टी तय है जिससे शासन प्रशासन को भारी भरकम राजस्व प्राप्त होगा।

शुभ मिनरल्स में क्षमता से कई गुना अधिक का भंडारण:-
डूमरपारा में संचालित शुभ मिनरल्स नामक क्रेशर खनिज व जिला प्रशासन सें निर्धारित खनिज भंडारण क्षमता से अधिक डोलोमाइट भंडारण कर खनिज व जिला प्रशासन को आंख दिख रहा है। शुभ मिनरल्स को शासन से जितनी मात्रा में डोलोमाइट संग्रहण की अनुमति मिली है उसे अधिक मात्रा में डोलोमाइट संग्रहित किया गया है। नियम कायदों को दरकिनार कर संग्रहित किए गए डोलोमाइट से संचालक चांदी काट रहा है जिससे शासन को हानि हो रही है।

शुभ मिनरल्स के अवैध उत्खनन से वैजन्ती नाला का अस्तित्व खतरे में :-
तमाम नियम कायदों को दरकिनार कर अकलसरा में शुभ मिनरल्स के नाम पर डोलोमाइट खदान संचालित किया जा रहा है। नियमों को ताक में रख संचालित इस खदान से एक तरफ बहुमूल्य डोलोमाइट का दोहन हो रहा तो वहीं आसपास प्राकृतिक संसाधन के लिए घातक साबित हो रहा है। अकलसरा में शुभ मिनरल्स द्वारा संचालित डोलोमाइट खदान से लगा वैजन्ती नाला बहता है। जिसे खदान संचालक मिट्टी से पाटने लगे हैं। खदान से निकलने वाले गैर उपयोगी मिट्टी को वैजन्ती नाला में डाला जा रहा है जिसके कारण वैजन्ती नाला का अस्तित्व अब खतरे के कगार पर है। गांव के किसानों के लिए वैजन्ती नाला बहुत उपयोगी है, खेत में सिंचाई तथा अतिरिक्त पानी निकासी के लिए गांव के किसान वैजन्ती नाला का उपयोग करते हैं ऐसे में वैजन्ती नाला के पाटे जाने से गांव के किसानों को चिंता सताने लगा है।

मैने एसडीएम और तहसीलदार को जांच के लिए निर्देश दिया है दो-तीन दिन के भीतर जांच कराया जाएगा।

अमृत विकास तोपनो
कलेक्टर,सक्ती

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