
पोड़ी उपरोड़ा (आई.बी.एन -24) जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पुटुवा में एक बार फिर विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत में पूर्व में किए गए एक पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाए हैं।
खेत के लिए 10 लाख की पुलिया!
जानकारी के अनुसार, पंचायत में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माणसन 2021में किया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह पुलिया किसी मुख्य मार्ग पर नहीं, बल्कि सिर्फ एक छोटे से खेत की पानी निकासी के लिए बनाई गई है।
सूत्रों की मानें तो पंचायत में कई ऐसे स्थान हैं, जहां सार्वजनिक आवागमन का मुख्य मार्ग होने के बावजूद आज तक पुल निर्माण नहीं हो पाया है। जिसके कारण आए दिन ग्रामीण परेशान होते हैं,बरसात के दिनों में लोगों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती है, लेकिन इन जरूरी स्थानों को नजरअंदाज किया जा रहा है। और जहां सार्वजनिक रूप से लोगों का आना जाना ही नहीं वहां के लिए दस लाख की पुलिया स्वीकृत होकर बन भी गई
आखिर क्यों?
पूर्व सरपंच और वर्तमान सचिव पर सवाल
बताया जा रहा है कि यह पुल निर्माण पिछले पंचवर्षीय में पूर्व सरपंच और वर्तमान सचिव के कार्यकाल में डुग्गुपारा सोढ़ी नदी से बनखेता मार्ग पर कराया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर पुलिया बनाई गई, वहां सिर्फ दो पाइप (ढोल) लगाकर भी काम चल सकता था, क्योंकि वह न तो मुख्य मार्ग है और न ही वहां लोगों का नियमित आवागमन होता है।
स्वीकृति पर उठे गंभीर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:-
👉 जहां लोगों का आना-जाना ही नहीं, वहां पुल निर्माण की स्वीकृति कैसे मिली?
👉 और जहां पूरे गांव का मुख्य मार्ग है, वहां प्रस्ताव देने के बावजूद स्वीकृति क्यों नहीं मिली?
इस मामले में जब वर्तमान सचिव से पूर्व में ही पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि “जहां के लिए स्वीकृति मिली, वहीं निर्माण कराया गया”।
लेकिन यह जवाब ही अब नए सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर ऐसी जगह के लिए स्वीकृति क्यों दी गई, जहां इसकी जरूरत ही नहीं थी।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
पंचायत के ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
👉 पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
👉 जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए
👉 और वास्तविक जरूरत वाले स्थानों पर विकास कार्य कराए जाएं।
पुटुवा पंचायत में विकास या सिर्फ कागजी खेल?
लगातार उठ रहे सवाल यह संकेत दे रहे हैं कि पंचायत में धरातल पर विकास कार्य कम, और कागजों में ज्यादा दिखाए जा रहे हैं।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं — क्या इस मामले में होगी कार्रवाई या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?