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आयुर्वेद पद्धति से सोरायसिस(त्वचा रोग)जैसी गंभीर व्याधि का वैद्यराज अशोक सिंह ठाकुर ने किया सफल इलाज।

आयुर्वेद पद्धति से इलाज कर जटिल बीमारी के प्रकोप से अनुभवी वैद्य ने पहुंचाया कई पीड़ितों लाभ।

कोरबा/बतारी (IBN 24 न्यूज) आयुर्वेद का अर्थ आयु ,जीवन से है वेद का अर्थ विज्ञान से है
यानी, जीवन को स्वस्थ और संतुलित ढंग से जीने की कला और विज्ञान रहस्य है आयुर्वेद ।
आयुर्वेद सिर्फ औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवनशैली है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, प्रकृति, ऋतु और स्थान को ध्यान में रखकर यह हमें यह सिखाता है कि हम कैसे रहें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और क्या खाएं, कैसे जिएं ,प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन को कैसे संवारें ।

मनुष्य की दैनिक जीवन जीने की गतिविधियां ही आयुर्वेद से जुड़ी होती है। यह न केवल रोगों के उपचार से संबंधित है, बल्कि जीवन के सभी पहलुओं, जैसे कि शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को शामिल करता है। आयुर्वेद का मुख्य उद्देश्य है “स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्, आतुरस्य विकार प्रशमन”, जिसका अर्थ है स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और बीमार व्यक्ति के रोगों का निवारण करना। यह प्रणाली व्यक्ति को उसके शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है, और इसके लिए प्राकृतिक उपचार, जीवनशैली में बदलाव, और आहार पर जोर देती है।


कोरबा जिले के दीपका (बतारी) में 38 वर्षों से आयुर्वेद पद्धति से पारंपरिक इलाज कर रहे वैद्यराज अशोक सिंह ठाकुर द्वारा जटिल से जटिल बीमारी का इलाज सफल होने की खबर आई है। स्थानीय वैद्य अशोक सिंह ठाकुर ने सोरायसिस (त्वचा रोग) एक लाइलाज बीमारी से पीड़ित कई व्यक्तियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर है। और जनता आश्चर्यचकित है ।
आइए विस्तार से जानते है।

जटिल बीमारी एक ऐसी बीमारी जो गंभीर और ठीक करने में मुश्किल होती है। वैद्य ने सफल प्रयास कर आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा विधियों का उपयोग करके अनेक रोगी का इलाज किया है। रोगी अब स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रहा है, जिससे क्षेत्र में वैद्य की प्रशंसा हो रही है। इस सफलता से क्षेत्र के लोगों में खुशी है और वैद्य के प्रति सम्मान और विश्वास बढ़ा है। यह खबर क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक घटना है और यह दिखाती है कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियां भी जटिल बीमारियों के इलाज में प्रभावी हो सकती हैं।


लोगों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के संबंध में पूछने पर वैद्य अशोक सिंह ठाकुर ने बताया की वह लंबे समय से आयुर्वेदिक और पारंपरिक आयुर्वेद पद्धतियों से जड़ी बूटी तैयार कर वह बीमारी से पीड़ितों का इलाज करते है और पीलिया से काफी मरीजों को ठीक कर चुके है साथ ही एलर्जी, त्वचा रोग और सोरायसिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को भी ठीक कर चुके है। साथ सफल इलाज करने के कारण वैद्य अशोक सिंह ठाकुर को ( इग्नू )इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
से आयुर्वेद की उपाधि भी मिल चुकी है । वैद्य अशोक सिंह ठाकुर से इलाज कराने दूरस्थ क्षेत्र और अन्य जिला व राज्यों से भी लोग इलाज कराने आ रहे है । उन्होंने 4 वर्ष से पीड़ित राजेश साहू पामगढ़ निवासी , 7 वर्ष से पीड़ित तारा कंवर अगारखार, जमनीपाली निवासी, 3 साल से पीड़ित वर्षा कंवर बसीबार निवासी लोगों के आलावा लगभग 20 लोगों को सोरायसिस नामक त्वचा रोग से निजात दिला चुके है। साथ ही वैद्य अशोक सिंह ठाकुर का फैमिली बैकग्राउंड को देखे तो उनका सुपुत्र भी विदेश से एम.बी. बी.एस. की उपाधि लेकर डॉक्टर बन चुके हैं और वैद्य के दादा भी पूर्वजों से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से लोगों का इलाज करते थे और वर्तमान पीढ़ी में भी वे अपने पूर्वजों की देन पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से लोगों का इलाज कर रहे हैं और सफल वैद्य राज के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं।

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