धान नहीं बिकने को लेकर किसान ने लगाई जिला प्रशासन से गुहार, रकबा सुधार की समस्या बन रही धान न बिकने की वजह।

कोरबा (आई.बी.एन 24) चैतमा ग्राम के किसान रामजी पटेल एक पंजीकृत किसान है और किसान संबंधी सभी दस्तावेजी प्रमाण उनके पास सुरक्षित है उसके बावजूद भी उनका टोकन नहीं कट पा रहा है और ऑपरेटर से जांच कराने पर उनका रकबा ब खसरा सिस्टम में निरंक है जिसके वजह से धान नहीं बेच पाने के कारण वह लगातार तहसील , अनुभाग और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के चक्कर रकबा के सुधार व अपडेट हेतु कई दिनों से कोशिश कर रहे हैं और चिंताजनक अवस्था में वह कभी पटवारी, मंडी प्रबंधक तो कभी नायब तहसीलदार से रकबा सुधार हेतु निवेदन कर प्रयास करते दिख रहे हैं ।

अभी बीते दिनांक 21 जनवरी 2026 को किसान रामजी पटेल जिला कलेक्टर कार्यालय कोरबा भी अपने धान नहीं बिकने की समस्या को लेकर गए हुए थे उन्होंने अपने वर्तमान उपज की धान को चैतमा अंतर्गत के धान मंडी में नहीं बिक पाने एवं टोकन नहीं कटने की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर के पास आवेदन प्रस्तुत किए , किसान रामजी पटेल का कहना है की मौजा ग्राम कुटेला मुंडा पटवारी हल्का नंबर 28 रा.नि.मा चैतमा तहसील पाली अंतर्गत भूमि है जिसका रकबा/ खसरा नंबर 302 /7 (0.097), 302/8 (0.097) ,302/9(0.093) , 302/10(0.053) ,316/3(0.162) ,131/3(0.061) ,331/4(0.089) ,346/2(0.069 की स्वामित्व की भूमि स्थित है , एवं उक्त खातेदार किसान आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या. चैतमा पं. क्र. 3050 के पंजिकृत किसान है एवं उनके द्वारा वर्ष 2025 मे खरीफ़ फसल के लिए उपरोक्त्त दर्षित खसरा/रकबा की भूमि पर दो बार किसान ऋण ले चुका है और उनके पास इससे सम्बंधित पावती भी है । साथ ही पंजीकृत किसान कोड , एग्रेस्टेक पंजीयन ,किसान क्रेडिट कार्ड सभी दस्तावेजी प्रमाण सुरक्षित है । उन्होने बताया उसके बावजूद भी उनका धान नहीं बिक रहा है ।
उक्त बातों को लेकर किसान ने सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत व जिला कलेक्टर के समक्ष निवेदन किया है उन्होंने किसान को आश्वस्त करते हुए कहा की उनका धान खरीदा जाएगा इस बात को लेकर किसान के चेहरे में खुशी जरूर है पर वर्तमान धान खरीद की समय सीमा अवधि निर्धारित होने के कारण किसान के मन मे उदासीनता भी है ।