क्राइमछत्तीसगढ़राजनीति

अर्जित ग्राम रलिया में भूमि की खरीदी बिक्री में शासन के निर्देशों के उल्लंघन पर कलेक्टर ने की कार्यवाही।

 

कोरबा(आई.बी.एन -24) कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने उप पंजीयक कोरबा श्रीमती पावरेम मिंज को कटघोरा विकासखंड के अर्जित ग्राम रलिया में भूमि की खरीदी बिक्री के सम्बंध में शासन द्वारा जारी निर्देश के उल्लंघन व हाईकोर्ट के आदेश का गलत अनुवाद कर भूमि का विक्रय पंजीयन करने पर कारण बताओ नोटिश जारी कर 24 घण्टे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। भू-अर्जन के अधीन अधिसूचना के जारी होने के पश्चात् भूमि का बटांकन, छोटे टुकड़ों में अंतरण एवं प्रयोजन में परिवर्तन एवं भूमि की खरीदी-बिक्री के संबंध में शासन द्वारा निर्देश जारी किया गया है।

अर्जित ग्राम रलिया में भूमि की खरीदी बिक्री पर शासन से प्रतिबंध है। ग्राम रलिया निवासी भूमि स्वामी सहसराम पिता दुलार साय द्वारा अपनी भूमि स्वामी हक की जमीन को विक्रय हेतु हाई कोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर किया गया था। उच्च न्यायालय बिलासपुर के डब्ल्यूपीसी नंबर 764 ऑफ 2025 द्वारा पारित आदेश दिनांक 04/07/2025 में किसी प्रकार की कानूनी बाधा नहीं होने पर याचिकाकर्ता और प्रतिवादी के बीच निष्पादित बिक्री विलेख को कानून के अनुसार पंजीकृत करने के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन पत्र पर विचार करने के लिए उपपंजीयक को निर्देशित किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा उप पंजीयक को प्रकरण में विधि सम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। जिसका उप पंजीयक कोरबा द्वारा गलत अनुवाद कर अर्जित ग्राम रलिया के विक्रेता के भूमि को शासन के निर्देशो का उल्लंघन कर विक्रय पंजीयन किया गया।
उनके द्वारा तहसील दीपका के अर्जित ग्राम रलिया में विक्रेता श्री सहसराम पिता दुलार साय के भूमि स्वामी हक की भूमि अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 51, खसरा नंबर 149/2, रकबा 0.275 हेक्टेयर व खसरा नंबर 168, रकबा 0.085 हेक्टेयर, खसरा नंबर 192/2 में से 0.085 हेक्टेयर कुल रकबा 0.445 हेक्टेयर भूमि को क्रेता नाबालिक विशाल सिंह, बली पालक पिता श्री नवल कुमार मरावी के नाम पर दस्तावेज पंजीयन नंबर CG-
2025-26-160-1-607 पंजीयन दिनांक11.07.2025 के माध्यम से विक्रय पंजीकृत किया गया है।

उप पंजीयक कोरबा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के विपरित है। इस हेतु कलेक्टर द्वारा उप पंजीयक कोरबा को इस सम्बंध में नोटिस जारी करते हुए अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है। जवाब प्राप्त नहीं होने अथवा समाधान कारक नहीं पाए जाने की स्थिति में उप पंजीयक कोरबा के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

Indian Business News

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!