
कटघोरा/कोरबा(आई.बी.एन -24) शासन की जनकल्याणकारी पहल ‘सुशासन तिहार’ आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। ग्राम पंचायत बेलटिकरी के गली नंबर 5 में वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या पर दर्ज शिकायत के बाद प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुरानी एवं अनुपयुक्त नाली को हटाकर नई, विस्तृत और सुव्यवस्थित नाली के निर्माण का कार्य पुनः आरंभ कर दिया गया है।
राजेश यादव भाजपा प्रदेश सह संयोजक झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ ने सुशासन तिहार शिविर में आवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया था कि गली नंबर 5 में निर्मित नाली का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सुचारु रूप से प्रवाहित नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप बरसात के दिनों में जलभराव, दुर्गंध और आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे स्थानीय नागरिक लंबे समय से परेशान थे।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत कटघोरा ने पत्र क्रमांक 939/ज.प./2026 दिनांक 03 जून 2026 के माध्यम से जांच के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण में शिकायत पूर्णतः सत्य पाए जाने पर ग्राम पंचायत बेलटिकरी ने 15वें वित्त आयोग योजना के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से नई नाली निर्माण का निर्णय लिया।
ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि पुरानी नाली जल निकासी की आवश्यकता के अनुरूप नहीं थी। इसलिए उसे पूर्णतः हटाकर अधिक चौड़ी एवं टिकाऊ नाली का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान कुछ घरों की अस्थायी जल निकासी प्रभावित होने तथा श्रमिकों की अनुपलब्धता के कारण कार्य कुछ समय के लिए बाधित हुआ, किंतु अब 19 जून 2026 से वार्ड पंच की देखरेख में निर्माण कार्य पुनः गति पकड़ चुका है।
पंचायत द्वारा जांच अधिकारी को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया गया है कि शिकायत के निराकरण की प्रक्रिया जारी है तथा निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार जनशिकायतों पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई होती रही, तो सुशासन तिहार वास्तव में जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का सशक्त सेतु सिद्ध होगा। बेलटिकरी में शुरू हुआ यह कार्य न केवल जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करेगा, बल्कि यह भी संदेश देगा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर शासन-प्रशासन अब अधिक जवाबदेह और सक्रिय भूमिका निभा रहा है।