अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति से किसानों के कार्य प्रभावित होने का आरोप, महिला अधिकारियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की भी जांच की मांग।

कटघोरा/कोरबा(आई.बी.एन -24) कटघोरा कृषि विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति का मामला सामने आने के बाद भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कटघोरा द्वारा उप संचालक कृषि, कोरबा को भेजे गए पत्र क्रमांक /स्था./2026-27/327, दिनांक 17 अगस्त 2026 के अनुसार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री देवशरण पैकरा को पण्डरीपानी के साथ कटघोरा एवं जेंजरा क्षेत्र में अतिरिक्त कार्य करने के लिए आदेशित किया गया था। पत्र के अनुसार उन्होंने 31 जुलाई 2026 को दोपहर में उपस्थिति दी, लेकिन 1 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक बिना सूचना एवं बिना अवकाश के अनुपस्थित रहे। पत्र में यह भी उल्लेख है कि संपर्क करने पर उनका मोबाइल बंद पाया गया।
विभागीय पत्र के अनुसार उनकी अनुपस्थिति से कटघोरा एवं जेंजरा क्षेत्र में विभागीय योजनाओं से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा किसानों तक योजनाओं की जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति का अनुरोध किया है।
महिला अधिकारियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का भी आरोप।
इस मामले को लेकर राजेश यादव ने कहा कि संबंधित अधिकारी के संबंध में महिला अधिकारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणी किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि विभागीय ऑफिसियल ग्रुप में भी कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की गई हैं।
राजेश यादव ने स्पष्ट कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “बार-बार संबंधित अधिकारी के ऊपर जिला स्तर के अधिकारियों की मेहरबानी क्यों है, यह समझ से परे है। जब अधिकारी ही नदारद रहेगा तो किसानों का भला कैसे होगा? कृषि विभाग की योजनाएं कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, उनका लाभ जमीन पर किसानों तक पहुंचना चाहिए।”
राजेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है और उसके कारण किसानों के कार्य प्रभावित होते हैं, तो पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
कृषि मंत्री, प्रभारी मंत्री एवं कलेक्टर से करेंगे मुलाकात
राजेश यादव ने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव तथा कलेक्टर कोरबा से मुलाकात करेंगे और मामले की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराएंगे।
उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा करना है। यदि कहीं लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति, किसानों से जुड़े कार्यों में हुई कथित लापरवाही तथा महिला अधिकारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही कटघोरा एवं जेंजरा क्षेत्र के किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था की जाए।
राजेश यादव ने कहा कि किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना कृषि विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारी की जवाबदेही तय होना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।