
प्रसव के समय 4-5 घंटे बिजली बंद रहना गंभीर चिंता का विषय, स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रभारी मंत्री से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग।
कोरबा (आई.बी.एन -24) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह संयोजक, झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ राजेश यादव ने कोरबा विकासखंड के ग्राम पंचायत भैसमा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से रात्रिकालीन चिकित्सकीय सेवा, प्रसव के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव से की है।
राजेश यादव ने कहा कि भैसमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां ग्रामीण महिलाएं प्रसव एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में रात्रि के समय प्रसव ड्यूटी के दौरान चार से पांच घंटे तक बिजली बंद रहना बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान यदि लंबे समय तक बिजली बंद रहे और उसी समय मरीज या नवजात को किसी प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था के साथ-साथ निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना भी अत्यंत आवश्यक है।
राजेश यादव ने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार रात्रिकालीन समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की उपलब्धता भी नहीं रहती। ऐसी स्थिति में प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि रात में डॉक्टर की अनुपलब्धता और दूसरी ओर 4-5 घंटे बिजली बंद रहने की स्थिति मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सौर ऊर्जा अथवा अन्य वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में बिजली गुल होने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
भाजपा नेता राजेश यादव ने कहा कि बिजली की समस्या का कारण तकनीकी खराबी, विद्युत आपूर्ति में बाधा या कोई अन्य प्रशासनिक कारण हो सकता है, लेकिन मरीज के उपचार और विशेषकर प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र में हर समय वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध रहना आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं प्रभारी मंत्री अरुण साव से मांग की है कि भैसमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की वास्तविक स्थिति का संज्ञान लेकर रात्रिकालीन चिकित्सक की व्यवस्था, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा अथवा जनरेटर जैसी वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तथा आवश्यक स्वास्थ्य स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
राजेश यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही सबसे नजदीकी और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा है। इसलिए भैसमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित और समय पर पहुंचना चाहिए। भैसमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक, बिजली और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और आम ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।