नंबर वन पिकनिक स्पॉट बना नागिन झरना तीन किमी तक फैली पर्यटक जमवाड़ा।

पर्यटन विभाग ध्यान दें तो बन सकता है खास
कार्तिक पूर्णिमा में नागिन झरना सैलानियों की चहल पहल से भरा।
पाली : जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम पोटापानी के नागिन झरना में स्नान करने कार्तिक पूर्णिमा के दिन लोगों की हुजूम उमड़ पड़ा इस दौरान झरना अलग दिखने लगा लोग सुबह से ही इस झरना में स्नान कर पवित्र होकर दीपदान कर पुण्य के साक्षी बने।

कार्तिक पूर्णिमा पर जश्न मनाने के लिए कोरबा ,बिलासपुर, जांजगीर चंपा ,अंबिकापुर, कोरिया जिले से भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे कोई घर से लंच बनाकर पिकनिक मनाने के लिए पहुंचा तो किसी ने मौके पर चूल्हा जलाकर भोजन बनाकर अलग तरह से ही आनंद उठाया लोगों की उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई, लोगों की सबसे अधिक भीड़ नागिन झरना पोटापानी में देखी गई,जहां झरना के चट्टान में बैठे हुए सैलानी ठंडी हवा का आनंद लेते रहे जुबा से एक ही बात निकल कर आ रही थी वाह क्या सुकून मिल रहा है। यहां तो जन्नत मिल गई इसी को जन्नत कहते हैं। यहां की झरना प्राकृतिक सौंदर्य, मनोरम दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता रहा। यह जगह लुप्त हैं, जो शहर की धुएं और कश्मकश में हासिल नहीं हो सकता, इस समय यहां का सौंदर्य पूरे शबाब पर है। कार्तिक पूर्णिमा में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई हैं यहां की मनोरम दृश्य उन हसीन वादियों को सचमुच एंजॉय कर रहा प्राकृतिक सौंदर्य पक्षियों की चहक, यहां जड़ी बूटी वनोऔषधि ,नाक में फूलों की महक, पैरों में ठंडी चट्टान और घास फितरत का वो एहसास तब महसूस होगा जब आप वहां मौजूद रहेंगे यहां पहुंच कर उस पल को लोग जी रहे हैं उस रस को पी रहे हैं जो भूतकाल या भविष्य काल में नहीं सिर्फ वर्तमान में है वैसे कहते हैं कि मनुष्य को ऐसे ही जीवन जीना चाहिए जो बीत चुका उसे छोड़िए जो समय बचा है उसी में गुंजाइश है इसे अब और बर्बाद ना होने दीजिए नागिन झरना से लगे एक विशाल पहाड़ में लक्ष्मण गुफा है। झरना के पास से सुरंग गई है जो सीधे लक्ष्मण कोठी निकलती हैं बताया हैं।यहां महत्वपूर्ण इमारत बनी हैं,ऐतिहासिक भावना का जीवंत प्रमाण है, और आगंतुक स्मारक का दौरा करते समय इसे महसूस कर सकते हैं।
नागिन झरना में दिन भर कलाकारों द्वारा रामचरितमानस गायन प्रवचन किया गया साथी समिति के द्वारा खीर पूरी प्रसाद वितरण किया गया