
कोरबा (आई.बी.एन -24) कटघोरा विकाशखंड चिकित्सा अधिकारी और पाली विकाशखंड चिकित्सा अधिकारी को कल एक आदेश कलेक्टर द्वारा जारी करते हुए दोनों को वहां से हटा दिया गया है। अब कटघोरा खंड चिकित्सा अधिकारी को हटाए जाने पर वहां के स्वास्थ्य कर्मी कलेक्टर के आदेश के खिलाफ आ गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो लंबे समय से पदस्थ कटघोरा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रुद्रपाल सिंह के इशारे पर पूरा चक्रव्यूह रचा जा रहा है जो कदाचित उचित नहीं है।
बता दें कि खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) कटघोरा डॉ. रूद्रपाल सिंह को पद से हटाए जाने का स्वास्थ्य कर्मियों ने विरोध किया है। उन्हें बीएमओ बनाए रखने की मांग की है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि बिना उचित कारण डॉ. रूद्रपाल को हटाया जाना ठीक नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों ने इसे मनोबल को हतोत्साहित करने वाला कदम बताया है। बीएमओ रुद्रपाल को पद से हटाए जाने के बाद रविवार को कटघोरा में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्यकर्मी फेडरेशन की बैठक हुई। इसमें लगभग 60 कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने कहा कि डॉ. रूद्रपाल सिंह 2015 से कटघोरा में खंड चिकित्सा अधिकारी के दायित्वों का निर्वहन करते आए हैं। इस अवधि में उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं हुई है। कोविड- 19 में जब कटघोरा कोरोना का हॉट स्पॉट बन गया था, तब डॉ. रूद्रपाल ने पूरी क्षमता से काम किया और कोविड की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। उनके खिलाफ कभी शिकायत नहीं मिली।
कर्तव्य में लापरवाही का कोइ मामला सामने नहीं आया, लेकिन बात यह भी है की कोई भी व्यक्ति यहां पदस्थ रहता बीएमओ के पद पर वह भी अपनी कर्तव्य का निर्वाहन करता,इसमें कोई नई बात नही है।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्यकर्मी फेडरेशन ने कोरबा जिला प्रशासन से तुरंत डॉ. रूद्रपाल को खंड चिकित्सा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग है। अन्यथा सामुहिक अवकाश एवं धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। संघ के लेटर पैड वायरल हो रहा है जिसमे किसी कर्मचारियों का हस्ताक्षर भी स्पष्ट नजर नही आ रहा है क्या..? यह लेटर पैड वास्तविक में स्वास्थ्यकर्मी फेडरेशन संघ की है या कुछ और है ..? यह तो जांच का विषय है । उनकी मांगे नहीं मानी गई तो छत्तीसगढ़ स्वास्थ्यकर्मी फेडरेशन बेमियादी हड़ताल पर जाएगा। गौरतलब है कि शनिवार को कोरबा जिला प्रशासन ने डॉ. रूद्रपाल को कटघोरा खंड चिकित्सा अधिकारी के पद से हटा दिया था। उनकी जगह डॉ. रंजना तिर्की को नया खंड चिकित्सा अधिकारी बनाया था। तभी से कटघोरा में स्वास्थ्य कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ गई है ,विगत एक सप्ताह पहले कटघोरा में शहीद वीर नारायण चौक में चक्का जाम हुआ था , जिसमे कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही बरतने से सर्पदंश से दो लोगों की मौत हो गई थी ,जिस वजह से यह नगरवासियों ने बीएमओ को हटाने की मांग की थी। जिस पर जांच उपरांत हटाने की कार्यवाही की गई है, लेकिन यहां के स्वास्थ्यकर्मी कलेक्टर आदेश के खिलाफ आंदोलन की दे रहे चेतावनी।