बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई, नाबालिक बालक का विवाह रोका गया।

पाली (आई.बी.एन -24)परियोजना पाली अंतर्गत कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज के निर्देशन में बाल विवाह की रोकथाम हेतु सतत् निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में परियोजना पाली अंतर्गत ग्राम पोटापानी से बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें एक नाबालिक बालक के विवाह की जानकारी सामने आई। सूचना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल सत्यापन कराया गया, जिसमें नाबालिक बालक के विवाह की तैयारियों की पुष्टि हुई।
पुष्टि उपरांत पर्यवेक्षक, आईसीपीएस (ICPS) टीम एवं थाना प्रभारी, पाली के संयुक्त दल द्वारा मौके पर पहुंचकर त्वरित हस्तक्षेप किया गया। संयुक्त दल द्वारा संबंधित परिवारजनों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। दल के प्रयासों से नाबालिक बालक का विवाह सफलतापूर्वक रुकवाया गया। साथ ही परिवार को यह स्पष्ट रूप से समझाया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संबंधित पक्षों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई एवं आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। इस दौरान पर्यवेक्षक ज्योति सोनी, पुलिस विभाग से ASI अफसर हुसैन खान और आरक्षक हेमंत कुर्रे पंचायत सचिव कृष्णा यादव , चाइल्ड लाइन से अमित खैरवार उपस्थित थे।
परियोजना अधिकारी पाली अन्वेष दीवान द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग/संबंधित थाना/चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रतिबद्ध है एवं इस दिशा में निरंतर सतर्कता एवं कार्रवाई जारी रखी जाएगी।