क्राइमछत्तीसगढ़राजनीति

छत्तीसगढ़ के इस नक्सल प्रभावित जिले में मोतियाबिन्द सर्जरी के दौरान प्रोटोकॉल की अनदेखी , मरीजों की आंखों में संक्रमण ,साय सरकार हुई सख्त,नेत्र सर्जन समेत 3 महिला डॉक्टर सस्पेंड ,जानें मामला ….

रायपुर/दंतेवाड़ा।मोतियाबिन्द सर्जरी के दौरान प्रोटोकॉल की अनदेखी से मरीजों की आंखों में हुई संक्रमण के मामले में साय सरकार सख्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय के द्वारा नेत्र सर्जन डॉ. गीता नेताम,नेत्र सर्जन सुश्री दीप्ति टोप्पो,नेत्र सहायक एवं श्रीमती ममता वैदे स्टाफ नर्स ,आई.ओ.टी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। उक्त कार्रवाई से हड़कम्प मचा है।

जारी आदेश में लेख है कि- दिनांक 22.10.2024 को जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में हुई मोतियाबिन्द सर्जरी के दौरान मरीजों के आंखों में संक्रमण की घटित घटना के संबंध में जांच दल गठित कर जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन अनुसार जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मोतियाबिन्द सर्जरी हेतु निर्धारित प्रोटोकाल का समुचित रूप से पालन नहीं किया गया। इस हेतु प्रथम दृष्टया डॉ. गीता नेताम, नेत्र सर्जन, सुश्री दीप्ति टोप्पो,नेत्र सहायक एवं श्रीमती ममता वैदे स्टाफ नर्स ,आई.ओ.टी प्रभारी जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा द्वारा अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतना पाया गया तथा उनका कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरित होने के फलस्वरूप परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा डॉ. गीता नेताम, नेत्र सर्जन, जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा ,सुश्री दीप्ति टोप्पो,नेत्र सहायक एवं श्रीमती ममता वैदे स्टाफ नर्स ,आई.ओ.टी प्रभारी,
को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है।

निलंबन अवधि में तीनों महिला चिकित्सकों का मुख्यालय – कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला दंतेवाड़ा निर्धारित किया जाता है तथा वे सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं पूर्व स्वीकृति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
निलंबन अवधि में तीनों को मूलभूत नियम-53 के तहत् जीवन निर्वाह भत्ते की नियमानुसार पात्रता होगी।

Indian Business News

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!