पाली/कोरबा (आई.बी.एन -24)अधिवक्ता संघ पाली ने कलेक्टर कोरबा को सौंपे शिकायती पत्र में तहसील कार्यालय में दलालराज का बड़ा खुलासा किया है। नायब तहसीलदार सुजीत कुमार पाटले पर दलालों को संरक्षण देने और उप पंजीयक वीणा कंवर पर रजिस्ट्री के नाम पर 3 से 10 हजार रुपये तक अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

16 जून तक का अल्टीमेटम:
अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि *16 जून 2026 तक कार्रवाई नहीं हुई तो 22 जून 2026 से न्यायालयीन कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार* किया जाएगा।
शिकायत के 8 अहम बिंदु:
1. नायब तहसीलदार पर आरोप: गांव-गांव में दलाल रखे हैं, तत्काल स्थानांतरण हो।
2. दलालों की लिस्ट: नारायण धावा, भारत राम यादव भेलवाटीकरा, पप्पू कश्यप पोंडी, विशेश्वर दास केराझरिया, द्वारिका प्रसाद तालापार, रामेश्वर दास कोटवार करतला, संतोष यादव बसीबार, नारायण राजपूत परसदा के नाम उजागर।
3. लोक सेवा केंद्र का गलत इस्तेमाल: कर्मचारी नकल-नामांतरण जैसे न्यायालयीन काम कर रहे, रोक लगे।
4. पेशी केस लटकाए: राजस्व कोर्ट में पेशी वाले मामलों का पंजीयन नहीं हो रहा।
5. वकीलों पर रोक: SDM कोर्ट में पंचायत केसों में अधिवक्ताओं को पेश होने से रोका जा रहा।
6. ऑनलाइन-ऑफलाइन घोटाला: ऑनलाइन केस बंद दिखाकर ऑफलाइन चलाए जा रहे, जांच हो।
7. ऑनलाइन पैरवी बैन: ऑनलाइन मामलों में वकीलों को पैरवी नहीं करने दी जा रही।
8. रजिस्ट्री में वसूली: उप पंजीयक वीणा कंवर पैसे न देने पर बहाने बनाकर रजिस्ट्री रोक देती हैं, 10 हजार तक मांग।
अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कंवर का बयान:
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कंवर, उपाध्यक्ष परमोशन दास महंत व सचिव अश्वनी कुमार वर्मा ने पत्र में कहा कि पीठासीन अधिकारी की उदासीनता से परिसर में अवैधानिक काम बढ़ गए हैं। कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
जनता परेशान:
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील में बिना दलाल और सुविधा शुल्क के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन की एक फाइल तक नहीं हिलती। रजिस्ट्री कराना बिना पैसे के नामुमकिन है।
पत्र वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप है। काम ठप की चेतावनी के बाद कलेक्टर कार्यालय हरकत में आया है। फिलहाल अधिकारियों का पक्ष नहीं मिला है, लेकिन जांच के आदेश की संभावना जताई जा रही है।