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EXCLUSIVE : पाली हाई स्कूल में प्रिंसपाल बना गुंडा! चप्पल से दौड़ा-दौड़ा कर व्याख्याता को पीटा, प्राचार्य के डर से बेहोश हुआ व्याख्याता।

कोरबा/पाली(आई.बी. एन -24) पाली हाईस्कूल में शिक्षा का माहौल उस वक्त शर्मसार हो गया जब खुद प्राचार्य मनोज सराफ पर अपने ही भौतिकी व्याख्याता प्रखर पांडेय को चप्पल से पीटने का सनसनीखेज आरोप लगा। 27 अप्रैल को हुई इस घटना के बाद पीड़ित व्याख्याता की 65 वर्षीय मां शकुंतला पांडेय इंसाफ के लिए स्कूल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गई हैं।

कैमरे में कैद न होता तो… स्कूल बना अखाड़ा:
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्राचार्य सराफ और व्याख्याता पांडेय के बीच महीनों से विभागीय तनातनी चल रही थी। 27 अप्रैल को प्राचार्य ने व्याख्याता को केबिन में बुलाया। स्टॉक रजिस्टर में फर्जी एंट्री को लेकर कहासुनी इतनी बढ़ी कि प्राचार्य हाथ में चप्पल लेकर व्याख्याता के पीछे दौड़ पड़े।

स्कूल परिसर से लेकर मुख्य सड़क तक ‘गुरु’ ने ‘शिष्य’ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बीपी के मरीज प्रखर पांडेय भागते-भागते घर पहुंचे तो नाक से खून की धार बह निकली। बेसुध होकर गिरे व्याख्याता को परिजन आनन-फानन में अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज न मिलता तो अनहोनी हो सकती थी।

मां का छलका दर्द: “मेरे बेटे को मार डालेगा”:
घटना से सदमे में आए व्याख्याता ने थाने में लिखित शिकायत दी है। उधर बेटे की हालत देख 65 साल की मां शकुंतला पांडेय का सब्र टूट गया। हाथ में _”मनोज सराफ हटाओ, मेरे बेटे को बचाओ”_ की तख्ती लेकर वे स्कूल गेट पर धरने पर बैठ गईं। रोते हुए बोलीं – “जब तक सराफ को यहां से नहीं हटाया जाएगा, मैं यहीं बैठी रहूंगी। मेरा बेटा बीपी का मरीज है, वो उसे मार डालेगा।”

विवाद की जड़: 4 साल का गायब स्टॉक, प्रोजेक्टर लापता:

सूत्र बताते हैं कि फिजिक्स लैब के स्टॉक रजिस्टर में 4 साल की एंट्री गायब है। स्कूल को मिले प्रोजेक्टर भी पूरे नहीं हैं। आरोप है कि प्राचार्य सराफ व्याख्याता पांडेय पर फर्जी संधारण का दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर ही यह खूनी खेल हुआ।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। DEO कोरबा से पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। सवाल ये है कि शिक्षा के मंदिर में जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो बच्चों को कौन पढ़ाएगा?

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