
आई.बी.एन-24 द्वारा प्रमुखता से चलाई गई खबर का बड़ा असर हुआ है। कोरबा की पाली तहसील में दलालराज और वसूली के आरोपों के बाद वकीलों के विरोध और बहिष्कार के चलते कलेक्टर ने तत्काल एक्शन लिया है।
क्या थे आरोप:
अधिवक्ता संघ ने तहसील के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप है कि पाली में पदस्थ नायब तहसीलदार सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री सुजीत कुमार पाटले ने गांव-गांव में दलाल रखे हुए हैं। वहीं उप पंजीयक वीणा कंवर पर रजिस्ट्री के नाम पर 10 हजार रुपये तक की डिमांड का दावा किया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना था कि तहसील में बिना दलाल और पैसे के कोई फाइल नहीं सरकती। पत्र वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
कलेक्टर का आदेश:
विरोध और आई.बी.एन -24 की खबर के बाद कलेक्टर कोरबा ने 03 जुलाई 2026 को आदेश कमांक 8190 जारी किया। इसमें 14.11.2024 के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए श्री सुजीत पाटले को तत्काल प्रभाव से पाली से हटाकर जिला कार्यालय कोरबा की भू-अभिलेख शाखा में अस्थायी रूप से पदस्थ कर दिया गया है।
वहीं पाली तहसील में श्री पाटले और अवकाश पर गईं नायब तहसीलदार सुश्री राशिका अग्रवाल के प्रभार को तहसीलदार श्री भूषण सिंह मण्डावी देखेंगे।
स्थानीय लोगों को उम्मीद: भू-अभिलेख शाखा में वरिष्ठ अधिकारी की पदस्थापना से अब लंबित प्रकरणों के जल्द निराकरण की उम्मीद है। अधिवक्ताओं और आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों में राहत मिलने की संभावना है।
फिलहाल आरोपित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। आई.बी.एन -24 की खबर के बाद जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही से लोगों में भरोसा जगा है।
