
कोरबा/पाली(आई.बी.एन -24) पाली विकासखंड के सराईपाली खदान प्रभावित ग्राम बुड़बुड़ में DMF मद के 30.85 लाख से बने प्राथमिक-माध्यमिक शाला भवन के घटिया निर्माण से बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

क्या है मामला
एसईसीएल सराईपाली परियोजना में कोयला खनन के कारण पुराने स्कूल को डिस्मेंटल कर आवासीय कॉलोनी के पास नए भवन बनाए गए। प्राथमिक शाला 15 लाख और मिडिल स्कूल 15.85 लाख से 2025-26 में ग्राम पंचायत बुड़बुड़ ने बनवाए।

निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी
- घटिया मटेरियल: स्टीमेट में फ्लाईऐश ईंट लिखी थी, पर लाल ईंट लगाई। निम्न स्तर की सीमेंट-रेत का उपयोग।
- छत से रिसाव: हल्की बारिश में ही छत और दीवारों में सीपेज शुरू हो गया।
- कमजोर ढांचा: खिड़की-दरवाजे टीन के पतले चादर से बने, ठीक से बंद नहीं होते।
- ब्लास्टिंग से खतरा: पास में एसईसीएल खदान की ब्लास्टिंग से पहले सत्र में ही दीवारों में दरारें आ गईं।
- बिजली का खतरा: 300 मीटर दूर से पेड़ों की टहनियों के सहारे तार खींची गई, आंधी-बारिश में हादसे का डर।
पालकों में दहशत, जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच-सचिव ने जेब भरने के लिए नियम ताक पर रखकर लाखों का भ्रष्टाचार किया। स्कूल परिसर उबड़-खाबड़ है, बरसात में कीचड़ से संचालन ठप होगा।
पालकों ने कलेक्टर से तकनीकी टीम भेजकर गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। स्टीमेट के विपरीत काम करने वाले सरपंच-सचिव और इंजीनियर पर कार्रवाई कर राशि रिकवरी की जाए। सुधार नहीं हुआ तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।