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प्राथमिक शाला रंगोले में शिक्षक दिवस अक्षुण बनाया शिक्षाविद,माताओं तथा जनप्रतिनिधियों ने ।

कोरबा /पाली (आई.बी.एन -24 शिक्षक दिवस 5सितंबर को सुबह से ही स्कूल पहुंचते ही सैकड़ो,पेन,गुलदस्ता,मिठाई,फूलों की माला एवं ब्लैक बोर्ड में स्लोगन लिखकर सरकारी स्कूल के बच्चों ने अपने गुरु के प्रति प्रेम को उजागर किया,इतनी आत्मीयता त्रेता व द्वापर युग के कहानियों में सुनने को मिलता था।खुशी दुगनी तब हुई जब छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के प्राचार्य, डॉ0 गजेंद्र तिवारी,व्याख्याता महावीर जायसवाल के साथ बहुत सारा उपहार लेकर प्राथमिक शाला रंगोले पहुंचे,भारत रत्न डॉ0 राधाकृष्णन जी के चित्र पर उन्होंने उपस्थित माताओं, शिक्षकों एवं बच्चों के साथ विधिवत दीप प्रज्वलित कर माहौल को गरिमामय बनाया। उद्बोधन में उन्होंने कहा की शिक्षा के बीज बोइये बीज सुंदर पेड़ बनकर तमस व तिमिर को समाप्त कर देता है।एवं सूर्य बनकर निकलता है।

शिक्षक सुनील जायसवाल की तारीफ करते हुए थके नही,आगे कहा 14 नवंबर बाल दिवस को प्राशा रंगोले स्कूल के सभी बच्चों के लिए टी-शर्ट,टाई-बेल्ट प्रदान करेंगे।जिससे माहौल तालियों से गूंज उठा।उन्होंने दोनों शिक्षकों को शाल-श्रीफल मिठाई गुलदस्ता प्रदान कर शिक्षक दिवस को अक्षुण बनाया। सरपंच डोंगानाला तथा लोक कलाकार श्रीमती पत्रिका खुरसेंगा के द्वारा भी भारत रत्न डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की पूजा की गयी,हाव-भाव के साथ राजकीय गीत गाए,सभी शिक्षकों को उन्होंने भी सम्मान किया, सभी बच्चों के भाल पर टीका लगाकर सबका मन मोह लिया,उद्बोधन में उन्होंने बीते दिनों को याद कर भावुक हो गयीं, संभलते हुए उन्होंने कहा की आज बीमार हालत में भी मुझे पानी में भीगते हुए शिक्षक जायसवाल के स्कूल के प्रति प्रेम नेआने पर मजबूर किया।सीएसी श्री वीरेंद्र जगत ने संकुल के कल्याण की कामना करते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। तथा उपस्थित सभी माताओं, शिक्षकों को उपहार भी अपने हस्त कमल से प्रदान किया। प्राथमिक शाला रंगोले की ओर से श्री शत्रुघन कँवर शिक्षक ने सभी अतिथियों का पुष्पमाला से स्वागत किया एवं अपने शाला की ओर से सभी अभ्यागत अतिथियों को पेन डायरी,पुष्प गुच्छ,मिठाई आदि उपहार प्रदान किए। रसोईया व सफाई कर्मियों को भी उन्होंने बराबर सम्मान देते हुए उपहार भेट किये।पूड़ी-सब्जी के प्रसाद के साथ सब ने भोजन ग्रहण किया। इस बार का शिक्षक दिवस यादगार बनाने में श्रीमती ईश्वरी देवी महंत,श्रीमती मालती महन्त,कु0 रोशनी महंत,श्री राधे धौराभाठा, श्रीमती राजमती,श्रीमती संतोषी पैकरा,श्रीमती सम्मत बाई का योगदान काबिले तारीफ रहा।

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