
कोरबा(आई.बी.एन -24) झारखंड चुनाव में अपनी पार्टी प्रत्याशी को जिताने क्षेत्र के कांग्रेस जनों को भी वहां अहम जिम्मेदारी मिल रही है.
पड़ोसी प्रदेश झारखंड के आम चुनाव दो चरण 13 और 20 नव को होना है. जिस में पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने मे कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस जनों को पार्टी ने कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने भूमिका सौपा है. इसी कड़ी में ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत के नेतृत्व में कुनकुरी विस पूर्व विधायक यू डी मिंज, जशपुर विस के पूर्व विधायक अब्दुल विनय भगत, पाली तानाखार विधानसभा के पूर्व विधायक मोहित राम केरकेट्टा झारखंड पहुँच गए हैं. वहां जाकर विभिन्न विस के कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव कार्य,नामांकन, प्रचार प्रसार, नुक्कड़ सभा आदि में जुटे हुए हैं. इनके साथ ग्रामीण कार्यकर्ताओं को भी तवज्जो दी जा रही है. पूर्व विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण डिक्सेना जो अध्यक्ष शाला प्रबंध समिति और वन समिति लखनपुर के अध्यक्ष भी हैं इनके साथ में रोशन मोहम्मद पूर्व पार्षद जुराली, महेंद्र अग्रवाल कोषाध्यक्ष, अनुज गुप्ता, हंसराज अग्रवाल, मनमोहन भगत, सागर यादव जिला अध्यक्ष सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं. श्री डिक्सेना ने बताया कि झारखंड में इंडिया गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत है और सोरेन सरकार के कार्यों से आम जनता खुश नजर आ रही है. इसे देखते हुए कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत और झारखंड में गठबंधन सरकार बनने जा रही है .दीपावली के बाद वह और अन्य कार्यकर्ता पुनः पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में पांच विधानसभा में चुनाव प्रचार और जनसंपर्क के लिए जाएंगे. चुंकि झारखंड की सीमा से लगने वाले जिले के जनप्रिय नेता अमरजीत सिंह भगत की अच्छी पकड़ है. इस कारण से लोगों को पक्ष में काफी मदद मिल रही है. जिससे कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है. उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी का पूरा अमला सक्रियता से चुनाव प्रचार में जुटा हुआ है.
उल्लेखनीय हैं कि झारखंड विधानसभा चुनाव की चर्चा हर तरफ है। यह चुनाव झारखंड की सभी 81 विधानसभा सीटों के लिए होगा। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। इस बार भी मुख्य लड़ाई हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में होगी। एक तरह से कहा जाए तो इंडिया अलायंस और एनडीए में सीधी टक्कर होगी।