पाली (आई.बी.एन -24) पाली जिला कोरबा में वर्ष 2007 से व्यवहार न्यायालय सामूदायिक भवन में संचालित है जो अत्यन्त जीर्ण शीर्ण स्थिति में है अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ताओं के साथ ही पक्षकारों के बैठने के लिये स्थान नहीं है जबकि प्रति दिन सैकड़ों पक्षकार न्यायालय में उपस्थित रहते है जिसके कारण 2007 से ही न्यायालय भवन के लिये उचित भूमि की तलाश थी पोंड़ी, सैला पाली में चिन्हांकित भूमियों में से माननीय उच्चतम न्यायालय के मंशानुरूप राजस्व न्यायालय तहसीलदार एवं एस.डी.एम. न्यायालय के पास ही शासकीय घांस मद की भूमि ख.नं. 303 रकबा 0.550 हे. को विधिवत प्रस्तावित कर न्यायालय भवन के लिये जिलाधीश कोरबा ने आबंटित किया है जिसके लिये दावा आपत्ति भी मंगाया गया था जिसके लिये केवल बी.डी.एम. महाविद्यालय की ओर से आपत्ति पेश किया गया आपत्ति के निराकरण में यह पाया गया कि उक्त ख.नं. की भूमि का आंबटन बी.डी.एम. महाविद्यालय के लिये नहीं हुआ है तथा महाविद्यालय के रूप में जो भवन निर्मित है वह शासकीय राशि से निर्मित है इस प्रकार से शासन की भूमि एवं शासन के राशि से भवन निर्माण कर अवैध अतिक्रमण किया गया है उक्त आपत्ति के निराकरण बाद भूमि का आंबटन न्यायालय भवन के लिये किया गया है उक्त स्थान पर न्यायालय संचालित होने से पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को सुविधा होगी जिसे देखते हुये आस पास के ग्रामीण पाली के वरिष्ठ जन एवं अधिवक्ताओं में खुशी का लहर है कि बहुप्रतिक्षित न्यायालय भवन बहुत जल्द ही अपने अस्तित्व में आ जायेगा।
अधिवक्ता संघ पाली में प्रशासन के आंबटन आदेश पर खुशी व्यक्त करते हुये कहा है कि बी.डी.एम. कालेज पिछले कई वर्षों से बन्द है केवल बोर्ड लगाकर रखा गया है उक्त महाविद्यालय से आस पास के लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है जिसके कारण कालेज लबे समय से बन्द है तथा विद्यार्थी जो उच्च शिक्ष प्राप्त कर रहे है वे पाली स्थित शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत है न्यायालय भवन का निर्माण होने से क्षेत्र एवं नगर पंचायत पाली का सर्वागिण विकास होगा। न्यायालय भवन को राजस्व कार्यालय पाली के पास ही भूमि उपलब्ध कराने में नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष श्री उमेश (बन्दु) चन्द्रा की महति भूमिका रही जिसके लिये अधिवक्ता संघ पाली ने नगर पंचायत अध्यक्ष, अनुविभागीय अधिकारी पाली, तहसीलदार पाली सहित जिलाधीश को धन्यवाद ज्ञापित किया है।