छत्तीसगढ़राजनीति

शाला त्यागी शून्य करने समावेशी वर्कशाप का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्राथमिक शाला रंगोले सभागार में किया गया।

कोरबा (आई.बी.एन -24) गैप एनालिसिस(आउट ऑफ स्कूल)कार्यक्रम समावेशी शिक्षा केअंतर्गत शाला त्यागी की प्रवृत्ति को रोकने के लिए हेतु दिव्यांग बच्चों के पालकों/अभिभावकों को उन्मुखीकरण किए जाने हेतु एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन विकासखण्ड स्तर पर प्राथमिक शाला रंगोले सभागार में किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी माननीय श्यामानन्द साहू के मार्गदर्शन में विकासखंड पाली के 54 संकुलों से आए हुए समस्त सक्रिय पालको ने अपने बच्चों के साथ उपस्थिति दी।माँ महाश्वेता तथा छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा धूप दीप प्रज्वलित कर वंदना तथा राजगीत भी पिरोए गए,प्रशासनिक प्रतिवेदन में बीआरसीसी(समग्र शिक्षा)पाली श्री राम गोपाल जायसवाल ने कहा की समावेशी शिक्षा के अंतर्गत समग्र बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाएं,पश्चात उनकी सारी समस्याओं का निदान शासन करेगी।

सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री मनीराम मरकाम ने कहा दिव्यांगता अभिशाप नहीं अपितु वरदान है,आगे श्री मुख से मार्मिक उदाहरण सम्प्रेषण करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री एस.एन.साहू ने ब्लाक भर से उपस्थित पालकों को संबोधित करते हुए कहा की माताओं की संख्या में इजाफा इस बात का द्योतक है,कि शासन की महती योजना शाला त्यागी शून्य करने तथा शत-प्रतिशत समावेशी बच्चों की स्कूल में ठहराव का बड़ा कारण बनेगा। उन्होंने अपील की बच्चो मे 21 प्रकार के दिव्यांगता के लक्षण परिलक्षित होने पर मुझे सीधे सूचित करें,जिससे समय रहते उपाय कर शासन की मंशा को फलीभूत कर सकें। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सुनील जायसवाल ने भूमिका बांधा।एमटी बीआरपी श्रीमती माधुरी मोहड़ ने 21 प्रकार के दिव्यांगता की पहचान व शासन से मिलने वाले सुविधाओं की जानकारी दी।इस तरह के अनन्य कार्यक्रम में पालकों ने भी काफी जिज्ञासा व उत्सुकता दिखाते कई प्रश्न पटल पर दागे।पत्युत्तर भी सदन से सारगर्भित मिले।एक सन्तुष्ट कार्यशाला के बाद पालकों व बच्चो ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।कार्यशाला 10:00 बजे शाम 5:00 बजे तक सम्पन्न हुआ।शाला प्रबन्ध समिति अध्यक्ष द्वय श्री पूरन दास श्री चैन दास,श्री शत्रुहन महन्त,पंच द्वयश्रीमती मछिंदरा बाई,श्री नैन दास, श्री दूरबीन दास,श्री कंवल दास,अगुवाई -सीएसी/श्री वीरेंद्र जगत, श्री जबान सिंह पैकरा,श्री तुलसी जगत,श्री निर्मल राठौर,श्री गौरी शंकर साहू,श्री जेल सिंह राज,श्री शत्रुघन कँवर,श्री रामप्रसाद श्याम
सहयोग श्री रामकृपाल,श्री रविशंकर,श्री ओमप्रकाश, श्री असथिर दास,श्री माखन,श्रीमती राजमती,श्रीमती सन्तोषी पैकरा,श्रीमती सुशीला महन्त,श्रीमती रामायण कुंवर, श्रीमती बंधन बाई,श्रीमती फुलकुंवर,श्रीमती लता महन्त,श्रीमती सुमन महन्त आदि का रहा।

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