
भोपाल/रायपुर, 28 अप्रैल 2026:
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के जरिए अब बच्चों को रट्टा मार पढ़ाई से मुक्ति मिलेगी और कौशल विकास के जरिए उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने इस नीति को पूरी तरह लागू कर दिया है। “सुशासन सरकार” का दावा है कि अब हर बच्चे को अपनी भाषा में बेहतर शिक्षा का अधिकार मिलेगा।
क्या बदला NEP 2020 में ?
1. *34 साल पुराना 10+2 सिस्टम खत्म*
अब नई *5+3+3+4 प्रणाली* लागू। 3 साल की उम्र से ही फाउंडेशनल स्टेज शुरू होगी। क्लास 1 से पहले 3 साल प्री-स्कूलिंग पर जोर रहेगा।
मातृभाषा में होगी पढ़ाई
कक्षा 5 तक की प्राथमिक शिक्षा अब स्थानीय भाषा में दी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की *8 प्रमुख बोलियों-भाषाओं* में पाठ्यपुस्तकें तैयार करवा रही है। इनमें छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, सरगुजिया, कुडुख शामिल हैं।
क्लास 6 से शुरू होगा कौशल विकास
बच्चों को कोडिंग, खेती, बढ़ईगीरी, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे वोकेशनल कोर्स पढ़ाए जाएंगे। मकसद है कि 12वीं पास करने वाला बच्चा सिर्फ डिग्री नहीं, हुनर लेकर निकले।
बोर्ड एग्जाम का तनाव होगा कम।
अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होगी। छात्र का बेस्ट स्कोर माना जाएगा। रटने की जगह कॉन्सेप्ट समझने पर फोकस रहेगा।
CM विष्णुदेव साय का बयान
“PM मोदी की विजन वाली शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में पूरी प्रतिबद्धता से लागू किया है। सुशासन का मतलब है कि बस्तर के आदिवासी बच्चे को भी अपनी गोंडी बोली में पढ़ने का हक मिले। हमारा लक्ष्य हर बच्चे को प्रभावी, उत्कृष्ट और रोजगारपरक शिक्षा देना है।”