
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और राशि वसूली की मांग।
कोरबा-पाली (आई.बी.एन -24) जिला खनिज न्यास मद (DMF) से विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की एक और तस्वीर सामने आई है। पाली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मादन में मुख्य मार्ग फॉरेस्ट काष्ठागार से बस्ती की ओर बीते दिसंबर-जनवरी में 20 लाख रुपये की लागत से बनाई गई 600 मीटर सीसी रोड दो माह भी नहीं टिक सकी।
हफ्तेभर में उतरने लगी सीमेंट
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के एक सप्ताह बाद ही सीमेंट की परत उखड़ने लगी और घटिया निर्माण के सबूत सड़क पर साफ दिखाई देने लगे। वर्तमान में पूरी सड़क पर सीमेंट विहीन गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। आलम यह है कि वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
नियमों को ताक पर रखकर निर्माण
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जमीन पर अनिवार्य 200 माइक्रोन पॉलीथिन शीट तक नहीं बिछाई गई और सीधे गुणवत्ताहीन कांक्रीट डाल दी गई। न क्यूरिंग की गई, न सीमेंट-गिट्टी का सही अनुपात रखा गया। तकनीकी मापदंडों की अनदेखी के कारण सड़क के साल भर टिकने की भी उम्मीद नहीं है।
शिकायत को किया अनसुना
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान ही घटिया काम का विरोध जताया गया था और जनपद पंचायत के अधिकारियों से लिखित-मौखिक शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद सरपंच, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से गुणवत्ता को ताक पर रखकर भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी सांठगांठ के चलते सरकारी राशि का बंदरबांट हुआ।
जांच और वसूली की मांग
घटिया निर्माण से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि दोषी सरपंच, सचिव, उपयंत्री और ठेकेदार से 20 लाख रुपये की सरकारी राशि ब्याज सहित वसूल की जाए और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही सड़क का पुनर्निर्माण दोषियों के खर्चे पर कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर रोक लग सके।