क्राइमछत्तीसगढ़राजनीति

RTI में बिना कारण बताएं पत्र कर दिया वापस, नागरिकों के मौलिक और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन।

भण्डारखोल पंचायत के सूचना अधिकारी की इस हरक़त से भारी भ्रष्टाचार की हो रही हैं आशंका।

संवादाता : सुनील महंत।

कोरबा (आई.बी.एन-24) आखिर क्यों नहीं देना चाहते सूचना अधिकारी आरटीआई का जवाब ? कुछ ना कुछ मामलों में टाल मटोल करके पत्र कर दिया जाता है वापस जिले कोरबा में आरटीआई में जवाब न देने के ऐसे अनगिनत मामले देखे जा चुके हैं ।और अभी वर्तमान दौर में अक्सर यह देखने को मिल रहा है की ग्राम पंचायतों के अलावा ऐसे कई सरकारी दफ्तर हैं जो आर. टी .आई. में टाल मटोल करते है ताकि लोगों को जवाब ना देना पड़े, लेकिन कुछ सूचना अधिकारी इतने लापरवाह और गैर जिम्मेदार है कि बिना पत्र खोले ही लेने से इंकार कर देते हैं कुछ इसी तरह का मामला पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत भंडारखोल में देखने को मिला । आर टी आई कार्यकर्ता दीपक महंत का कहना है इसमें पंचायत के सूचना अधिकारी ने भारतीय डाक द्वारा भेजे गए पत्र को बिना खोले बिना पढ़े और बिना कारण बताएं सूचना के अधिकार पत्र को वापस कर दिया है । इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत भंडारखोल के सचिव और सरपंच दोनों मिली भगत करके ग्राम के विकास में खूब डाका डाल रहे हैं क्योंकि जिस हिसाब से ग्राम पंचायत में विभिन्न मद अंतर्गत कार्य कराने के नाम पर जो रकम अलग अलग वित्तीय वर्ष में आहरण किया गया है उस हिसाब से ग्राम भण्डारखोल की विकास की गति बहुत धीमी है । इसे देखते हुए यह स्पष्ट अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्राम पंचायत भंडारखोल में सरपंच सचिवों द्वारा भारी भ्रष्टाचार को निमंत्रण जरूर दिया गया होगा । सूचना के अधिकार पत्र को बिना कारण बताएं वापस कर देना यह नागरिकों के मौलिक और मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन ही माना जाएगा । भंडारखोल पंचायत में और न जाने किन-किन योजनाओं और मदों पर भ्रष्टाचार की गई होगी इस संबंध में आने वाले दिनों में समाचार के माध्यम से और भी मामलों को उजागर किया जाएगा। फिल्हाल तो ग्राम के सहायक लोक सूचना अधिकारी द्वारा अकारण पत्र को वापस करने पर निर्धारित तिथि अंतर्गत कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली के प्रथम सूचना अधिकारी को प्रथम अपील कर दिया गया है अब देखना यह कि प्रथम अपील अधिकारी इसमें क्या गतिविधि अपनाते है।

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