
राजगामार (आई.बी.एन -24)कोरबा जिले के रजगामार कोल माईनस में एसईसीएल के कर्मचारियों के मकानों में रोज बिजली कटौती हो रही है, जिससे कर्मचारी और उनके परिवार परेशान हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में ट्रांसफार्मर में लोड ज्यादा बढ़ जाता है, लेकिन सवाल यह है कि ऑफिसर कॉलोनी और बी टाइप मकानों में लाइन कटौती क्यों नहीं होती?
जनरल मजदूरों के मकानों में लाइट काट दी जाती है, और अगर कर्मचारी आवाज उठाते हैं तो उन्हें ड्यूटी से बैठा दिया जाता है और सैलरी से पैसा काट लिया जाता है। यह स्थिति 2017 की घटना की याद दिलाती है, जब लाइन कटौती के कारण जंगली हाथी ने एक युवक को कुचल दिया था। क्या एसईसीएल के अधिकारी फिर से ऐसी घटना का इंतजार कर रहे हैं?
एसईसीएल के इस रवैये से कर्मचारियों में आक्रोश है, और वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने को मजबूर हो रहे हैं। क्या सरकार और एसईसीएल के उच्च अधिकारी इस मामले में दखल देंगे और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करेंगे? क्या एसईसीएल के अधिकारी अपनी मनमानी से बाज आएंगे और कर्मचारियों के साथ न्याय करेंगे?
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से मिलेंगे और अपनी मांगें रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करने से नहीं हिचकेंगे।